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समय से पहले आने लगे पीरियड्स, तो हो सकता है कैंसर, PCOS का भी खतरा; जीन्स में यह दिक्कत तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी…

8 या 9 साल से पहले लड़कियों में पीरियड्स आना प्रीकोशियस प्यूबर्टी का लक्षण हो सकता है। इससे भविष्य में PCOS और ग्रोथ रुकने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Sat, 08 Aug 2026 06:18:30 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Aug 2026 06:18:30 PM (IST)
समय से पहले आने लगे पीरियड्स, तो हो सकता है कैंसर, PCOS का भी खतरा; जीन्स में यह दिक्कत तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी…
कम उम्र में प्यूबर्टी के लक्षणों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के तरीके। (AI जनरेटेड)

HighLights

  1. 8 या 9 साल की उम्र से पहले पीरियड्स शुरू होना प्रीमेच्योर प्यूबर्टी के लक्षण है
  2. मोटापा, जंक फूड, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और स्क्रीन टाइम से यह होता है
  3. समय से पहले पीरियड्स आने से PCOS और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है

हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। पहले ज्यादातर लड़कियों को 11 से 13 साल की उम्र के बीच पहली बार पीरियड्स आते थे। लेकिन अब डॉक्टर्स का कहना है कि कई लड़कियां हैं, जिनमें 8 या 9 साल की उम्र से पहले ही पीरियड्स शुरू होने लगते हैं। लेकिन, ऐसा क्यों होता है..आइए जानते हैं।

रिसर्चर्स के मुताबिक, इसे सिर्फ बच्चे के जल्दी बड़े होने का संकेत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में यह प्रीकोशियस प्यूबर्टी (Precocious Puberty) यानी समय से पहले युवावस्था (Adolescence) शुरू होने का संकेत हो सकता है। इसका असर बच्चे की लंबाई, मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। चेन्नई के एक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. कीर्तन राजशेखरन के मुताबिक, यदि कम उम्र में प्यूबर्टी के लक्षण दिखाई दें, तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।


लड़कियों में प्यूबर्टी जल्दी क्यों आती है?

डॉक्टर्स के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में लड़कियों में प्यूबर्टी की उम्र कम हुई है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे-

  • बचपन में बढ़ता मोटापा
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी
  • लंबे समय तक मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल करना
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और स्वीट ड्रिंक ज्यादा पीना।
  • जेनेटिकल कारण
  • हालांकि हर फीमेल में जल्दी प्यूबर्टी का कारण कोई बीमारी नहीं होता। लेकिन, इसकी जांच करना जरूरी माना जाता है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

यदि 8 साल की उम्र से पहले इनमें से कोई भी बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • ब्रेस्ट का विकास शुरू होना
  • लंबाई तेजी से बढ़ना
  • बॉडी ओडर में बदलाव होना
  • चेहरे पर मुंहासे निकलना
  • अंडरआर्म या प्राइवेट पार्ट में बाल आना
  • मूड स्विंग या व्यवहार में बदलाव
  • नॉर्मल एज से पहले पीरियड्स शुरू होना

जल्दी पीरियड्स आने के खतरे?

डॉक्टर्स के अनुसार, बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू होने से आगे चलकर कई हेल्थ इसूज का खतरा बढ़ सकता है। इनमें शामिल हैं-

  • मोटापा
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट डिजीज
  • हार्मोन से जुड़े कुछ प्रकार के कैंसर
  • मेंटल और इमोशनल हेल्थ में परेशानी

इसके अलावा, जल्दी पीरियड्स शुरू होने से बोन डेंसिटी डेवलपमेंट ठीक से नहीं होती। इससे ग्रोथ रुक सकती है।

क्या इसे रोका जा सकता है?

अगर वजह का पता न हो, तो जल्द से जल्द प्यूबर्टी को रोकना संभव नहीं है। लेकिन, कुछ अच्छी आदतें जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि-

  • बच्चे का वजन बैलेंस रखें।
  • अच्छा और बैलेंस्ड डाइट दें।
  • रोजा फिजिकल, मेंटल और आउटडोर एक्टिविटी में पार्ट जरूर लें।
  • पर्याप्त नींद ले।
  • जंक फूड और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड कम करें।

डॉक्टर से कब मिलें?

अगर किसी भी महिला में 8 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट का विकास शुरू हो जाए, बहुत जल्दी पीरियड्स आ जाएं या प्यूबर्टी के कई लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या गायनिक (Gynecologist) से तुरंत सलाह लें।

डॉक्टर जरूरत पड़ने पर जांच, हार्मोन टेस्ट, बोन एज टेस्ट या कोई और जांच कर सकते हैं। कुछ मामलों में ऐसी दवाएं भी उपलब्ध हैं, जो समय से पहले शुरू हुई प्यूबर्टी को कुछ समय के लिए रोक सकती हैं। इससे महिला की फिजिकल और मेंटल हेल्थ अच्छी बनी रहती है।

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