
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। पहले ज्यादातर लड़कियों को 11 से 13 साल की उम्र के बीच पहली बार पीरियड्स आते थे। लेकिन अब डॉक्टर्स का कहना है कि कई लड़कियां हैं, जिनमें 8 या 9 साल की उम्र से पहले ही पीरियड्स शुरू होने लगते हैं। लेकिन, ऐसा क्यों होता है..आइए जानते हैं।
रिसर्चर्स के मुताबिक, इसे सिर्फ बच्चे के जल्दी बड़े होने का संकेत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में यह प्रीकोशियस प्यूबर्टी (Precocious Puberty) यानी समय से पहले युवावस्था (Adolescence) शुरू होने का संकेत हो सकता है। इसका असर बच्चे की लंबाई, मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। चेन्नई के एक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. कीर्तन राजशेखरन के मुताबिक, यदि कम उम्र में प्यूबर्टी के लक्षण दिखाई दें, तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
डॉक्टर्स के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में लड़कियों में प्यूबर्टी की उम्र कम हुई है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे-
यदि 8 साल की उम्र से पहले इनमें से कोई भी बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डॉक्टर्स के अनुसार, बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू होने से आगे चलकर कई हेल्थ इसूज का खतरा बढ़ सकता है। इनमें शामिल हैं-
इसके अलावा, जल्दी पीरियड्स शुरू होने से बोन डेंसिटी डेवलपमेंट ठीक से नहीं होती। इससे ग्रोथ रुक सकती है।
अगर वजह का पता न हो, तो जल्द से जल्द प्यूबर्टी को रोकना संभव नहीं है। लेकिन, कुछ अच्छी आदतें जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि-
अगर किसी भी महिला में 8 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट का विकास शुरू हो जाए, बहुत जल्दी पीरियड्स आ जाएं या प्यूबर्टी के कई लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या गायनिक (Gynecologist) से तुरंत सलाह लें।
डॉक्टर जरूरत पड़ने पर जांच, हार्मोन टेस्ट, बोन एज टेस्ट या कोई और जांच कर सकते हैं। कुछ मामलों में ऐसी दवाएं भी उपलब्ध हैं, जो समय से पहले शुरू हुई प्यूबर्टी को कुछ समय के लिए रोक सकती हैं। इससे महिला की फिजिकल और मेंटल हेल्थ अच्छी बनी रहती है।
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