
लाइफस्टाइल डेस्क: PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिससे आज बड़ी संख्या में महिलाएं प्रभावित हो रही हैं। यह समस्या केवल पीरियड्स तक सीमित नहीं रहती, बल्कि महिलाओं की ओवरऑल हेल्थ, मानसिक स्थिति और फर्टिलिटी पर भी गहरा असर डालती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर PCOS के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इसके गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
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अगर टीनएज खत्म होने के बाद भी चेहरे, पीठ या छाती पर लगातार पिंपल्स की परेशानी बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण एक्ने की समस्या गंभीर रूप ले सकती है और कई बार इसका इलाज भी मुश्किल हो जाता है।
PCOS से पीड़ित महिलाओं में अचानक वजन बढ़ना एक आम लक्षण है। आंकड़ों के अनुसार, 40 से 80 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या देखी जाती है। हैरानी की बात यह है कि डाइट और नियमित एक्सरसाइज के बावजूद वजन कम करना PCOS में काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
PCOS का सबसे सामान्य और शुरुआती संकेत पीरियड्स का अनियमित होना है। पीरियड्स का बार-बार मिस होना, लंबे समय तक न आना या जरूरत से ज्यादा ब्लीडिंग होना हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
PCOS के कारण महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे प्रेग्नेंसी में परेशानी आती है। कई महिलाओं को शादी के बाद इस समस्या का पता चलता है, जब वे कंसीव नहीं कर पातीं।
PCOS की वजह से महिलाओं में बालों का झड़ना और पतला होना भी देखने को मिलता है। यह समस्या हार्मोनल बदलाव के कारण होती है और धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है।
अगर चेहरे, छाती, पेट या पीठ पर जरूरत से ज्यादा मोटे और काले बाल उगने लगें, तो यह PCOS का अहम लक्षण हो सकता है। मेडिकल भाषा में इसे हिर्सुटिज्म कहा जाता है। यह समस्या करीब 70 प्रतिशत PCOS पीड़ित महिलाओं में पाई जाती है।