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इंदौर में बढ़ा पॉडकास्ट का चलन, किराये पर मिल रहे स्टूडियो, एक घंटे की रिकाॅर्डिंग के लिए 1 से 16 हजार रुपये तक खर्च

डाॅक्टर, कारोबारी, कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपने काम और विचार लोगों तक पहुंचाने के लिए इन स्टूडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले एक-द...और पढ़ें

By Pooja GiteEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 01:56:47 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 02:12:57 PM (IST)
इंदौर में बढ़ा पॉडकास्ट का चलन, किराये पर मिल रहे स्टूडियो, एक घंटे की रिकाॅर्डिंग के लिए 1 से 16 हजार रुपये तक खर्च
इंदौर में बढ़ा पॉडकास्ट का चलन।

HighLights

  1. एक घंटे की रिकार्डिंग के लिए 1 से 16 हजार रुपये तक खर्च।
  2. स्टूडियो तैयार करने में 3 से 15 लाख रुपये तक का निवेश।
  3. पिछले एक-दो साल में मांग बढ़ी है और बुकिंग भी बढ़ रही है।

पूजा गीते, इंदौर। सोशल मीडिया, यूट्यूब और व्यक्तिगत पहचान बनाने की बढ़ती चाहत ने इंदौर में पाडकास्ट का चलन बढ़ा दिया है। अब पाॅडकास्ट रिकार्ड करने के लिए अपना स्टूडियो बनाना जरूरी नहीं है। शहर में किराये पर ऐसे स्टूडियो उपलब्ध हैं, जहां कैमरा, माइक, लाइटिंग से लेकर रिकार्डिंग और वीडियो एडिटिंग तक की सुविधा मिलती है। डाॅक्टर, कारोबारी, कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपने काम और विचार लोगों तक पहुंचाने के लिए इन स्टूडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले एक-दो साल में इस क्षेत्र में मांग बढ़ी है और बुकिंग भी बढ़ रही है।

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एक घंटे की रिकार्डिंग के अलग-अलग पैकेज

  • स्टूडियो संचालक अल्ताफ अली के अनुसार, बिना उपकरण के स्टूडियो का किराया एक हजार रुपये प्रति घंटा है।
  • वहीं, शूटिंग और एडिटिंग सहित पूरा पाॅडकास्ट तैयार कराने का शुल्क एक घंटे के लिए 16 हजार रुपये है।
  • इसमें एंकर, कैमरा, माइक, लाइट, प्राप्स और एडिटिंग शामिल हैं।
  • उनके अनुसार, पिछले एक-दो साल में पाॅडकास्ट की मांग करीब 50 प्रतिशत बढ़ी है।
  • रियल एस्टेट कारोबारी, कंटेंट क्रिएटर, कोच, डाक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, माडल और स्थानीय कारोबारी इसके प्रमुख ग्राहक हैं। उनके स्टूडियो में महीने में करीब 20 दिन बुकिंग रहती है।
  • कुछ पाॅडकास्ट आउटडोर भी शूट किए जाते हैं।
  • स्टूडियो तैयार करने में 10 से 15 लाख रुपये या इससे अधिक का निवेश हो सकता है।
  • इसके अलावा रखरखाव पर हर महीने करीब 15 से 20 हजार रुपये खर्च होते हैं।

एंकरिंग से भी कमाई का अवसर

  • 12 साल से अधिक समय से एंकरिंग कर रहीं रक्षा ढोली के अनुसार, पाॅडकास्ट अब बातचीत और मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं।
  • कंपनियां अपने संस्थापक, उत्पाद, सेवाओं और ब्रांड की कहानी लोगों तक पहुंचाने के लिए भी इनका उपयोग कर रही हैं।
  • एंकरिंग को पूर्णकालिक करियर के रूप में अपनाया जा सकता है। इसके लिए संवाद शैली, विषय पर शोध, सही सवाल पूछने और कैमरे के सामने सहज रहने जैसे गुण जरूरी हैं।
  • एक एपिसोड की एंकरिंग के लिए उन्हें आमतौर पर छह से आठ हजार रुपये मिलते हैं, जबकि शुरुआती एंकर को एक से तीन हजार रुपये तक मिल सकते हैं।
  • ग्राहकों को रिकार्डिंग से लेकर अंतिम वीडियो तैयार कराने तक की सुविधा देने के उद्देश्य से उन्होंने करीब तीन महीने की तैयारी के बाद अपना सेटअप शुरू किया।
  • यहां रिकार्डिंग, एंकरिंग, वीडियो एडिटिंग और कंटेंट तैयार करने की सुविधा मिलती है। उनकी टीम में सौरभ, स्वराज और रवि शामिल हैं।

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यूट्यूबर से लेकर युवा उद्यमियों तक, पाॅडकास्ट स्टूडियो की बढ़ी मांग

विजश्री पांडेय के अनुसार, पाॅडकास्ट की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ग्राहकों की जरूरतों में भी बदलाव आया है। अब लोग केवल बातचीत रिकार्ड कराने के लिए नहीं, बल्कि वीडियो पॉडकास्ट तैयार कराने के लिए भी स्टूडियो बुक कर रहे हैं। कंटेंट क्रिएटर, यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, युवा उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर इसके प्रमुख ग्राहक हैं। कई ग्राहक नियमित रूप से कई एपिसोड की बुकिंग करते हैं। स्टूडियो की कमाई बुकिंग की संख्या और दी जाने वाली सुविधाओं पर निर्भर करती है। रिकार्डिंग के साथ एडिटिंग की सुविधा लेने पर खर्च बढ़ जाता है।


स्वास्थ्य जागरूकता में भी उपयोग

कैंसर सर्जन डाॅ. सुयश अग्रवाल महीने में करीब तीन से चार बार पॉडकास्ट किराए पर स्टूडियो सेटअप लेकर करते हैं। उनके अनुसार, इसके माध्यम से कैंसर और स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। वह अपना सेटअप बनाने के बजाय किराये के पेशेवर स्टूडियो को प्राथमिकता देते हैं, जहां बेहतर कैमरा, आडियो, लाइटिंग और अनुभवी टीम की सुविधा मिलती है। इससे रिकार्डिंग से एडिटिंग तक का काम व्यवस्थित तरीके से हो जाता है।

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