
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। हेयरकट या शेविंग के बाद गर्दन की मालिश और फिर उसे तेजी से घुमाकर ‘कड़क-कड़क’ की आवाज निकालना कई लोगों के लिए सैलून का आम हिस्सा है। लोगों का इसमें मजा भी खूब आता है। और आज के समय में तो इसे पीक मेल कंटेंट के नाम पर वायरल भी किया जा रहा है।
भले ही कुछ लोगों को इससे तुरंत आराम और हल्कापन महसूस होता है, इसलिए वे इसे रिलैक्सिंग मसाज मानते हैं। लेकिन गर्दन को तेजी से मोड़ने या झटका देने वाली इस तरह की नेक क्रैकिंग (neck cracking) को हल्के में लेना सही नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गर्दन शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है। यहां रीढ़ की हड्डी, नसों और दिमाग तक खून पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण धमनियां मौजूद होती हैं। अचानक और जोरदार गर्दन घुमाने से दुर्लभ मामलों में गंभीर चोट हो सकती है, जिसमें सर्वाइकल आर्टरी डिसेक्शन (cervical artery dissection) यानी गर्दन की आर्टरीज की अंदरूनी परत में चोट भी शामिल है। यह स्थिति स्ट्रोक का कारण बन सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी सर्वाइकल आर्टरी डिसेक्शन को स्ट्रोक का एक महत्वपूर्ण कारण बताता है, खासकर युवाओं में।
गर्दन के दोनों तरफ ऐसी धमनियां होती हैं जो दिमाग तक खून पहुंचाती हैं। इनमें वर्टिब्रल आर्टरी भी शामिल हैं। गर्दन को अचानक ज्यादा घुमाने, पीछे ले जाने या जोर से खींचने जैसी गतिविधियों में इन ब्लड वेसल्स पर खिंचाव पड़ सकता है।
कुछ मामलों में आर्टरीज की अंदरूनी परत में चोट लग सकती है। इसे आर्टरी डिसेक्शन कहा जाता है। इसके बाद वहां खून का क्लॉट्स बन सकते है। यह ब्लड फ्लो को प्रभावित करे या क्लॉट आगे जाकर दिमाग की तरफ पहुंचे, तो स्ट्रोक हो सकता है।
यही वजह है कि गर्दन की जोरदार manipulation को सिर्फ ‘आराम देने वाली मसाज’ समझकर करना ठीक नहीं है।
गर्दन में सर्वाइकल स्पाइन के साथ कई महत्वपूर्ण नर्व और सॉफ्ट टिशू मौजूद होते हैं। बहुत ज्यादा जोर या गलत दिशा में गर्दन घुमाने से चोट का खतरा बढ़ सकता है।
किसी व्यक्ति को पहले से गर्दन की समस्या, चोट या दूसरी मेडिकल कंडिशन हो तो जोखिम अलग हो सकता है। इसलिए किसी प्रशिक्षित मेडिकल प्रोफेशनल के मूल्यांकन के बिना गर्दन को जोर से घुमाने या चटकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हालांकि यह भी जरूरी है कि हर बार गर्दन चटकाने से गंभीर चोट या स्ट्रोक हो, ऐसा नहीं है।
खास तौर पर उन लोगों को गर्दन की जोरदार मसाज से बचना चाहिए जिन्हें पहले से-
ऐसे मामलों में गर्दन पर किसी भी तरह का जोर डालने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
इसके बाद अचानक कुछ लक्षण दिखाई दें तो उन्हें सामान्य थकान या मसाज का असर समझकर इंतजार नहीं करना चाहिए।
खास तौर पर-
यह भी पढ़ें- 70% महिलाएं इस बीमारी से अनजान, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा! जानिए PCOS जैसी दिखने वाली इस बीमारी के लक्षण