
डिजिटल डेस्क। भारत हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day 2025) मनाता है। यह वही दिन है जब 1949 में डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान को अपनाया गया था। हालांकि यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, लेकिन 26 नवंबर इसलिए खास है क्योंकि इसी दिन इसे अंतिम रूप दिया गया था। भारत का संविधान देश को लोकतांत्रिक पहचान देता है और हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है।
इस मौके पर आइए जानते हैं भारतीय संविधान से जुड़ी 10 सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बातें, जिनके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते।
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग शामिल हैं। इसकी विशालता भारत की विविधता को दर्शाती है।
संविधान की मूल प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हाथ से इटैलिक शैली में लिखी थी। यह प्रति संसद भवन की लाइब्रेरी में हीलियम गैस से भरे विशेष शीशे के बॉक्स में सुरक्षित है।
संविधान सभा ने इसे बनाने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लिया। इस दौरान कुल 114 बैठकें हुईं।
अंतिम ड्राफ्ट बनने से पहले संविधान के पहले प्रारूप में 2000 से अधिक बदलाव किए गए थे। इससे पता चलता है कि इसे बनाने में कितनी गहन चर्चा हुई।
संविधान पर हस्ताक्षर करने वालों में 15 महिलाएं भी थीं, जो उस समय महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
अंग्रेजी संस्करण में 117,369 शब्द हैं, जो इसे दुनिया के सबसे विस्तृत संविधानों में शामिल करता है।
संविधान की प्रस्तावना को इसकी “आत्मा” कहा जाता है। इसे अमेरिकी संविधान से प्रेरित माना जाता है। अब तक संविधान में 124 संशोधन हुए हैं, लेकिन प्रस्तावना कभी नहीं बदली।
26 जनवरी 1950 को ही अशोक चक्र को भारत का राष्ट्रीय चिन्ह घोषित किया गया।
संविधान में नागरिकों के छह मौलिक अधिकार निर्धारित किए गए हैं, जो प्रत्येक नागरिक की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी देते हैं।
भारतीय संविधान कई देशों जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, आयरलैंड, रूस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान के संविधानों से प्रेरित है।
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