
अतुल शुक्ला, नईदुनिया जबलपुर। उम्र महज 16 वर्ष, लेकिन प्रतिभाओं का दायरा इतना विस्तृत कि कला, साहित्य, अभिनय और मंच संचालन हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं शर्मिष्ठा दास गुप्ता।
लिटिल किंगडम स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा शर्मिष्ठा अपनी बहुमुखी प्रतिभा के दम पर शाला से लेकर बाल भवन और जिला एवं संभागीय स्तर के मंचों तक लगातार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास उन्हें अपनी उम्र के अन्य विद्यार्थियों से अलग पहचान देते हैं।
अंतरशालेय प्रतियोगिताओं में कविता लेखन और कविता पाठ में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में ज्ञान गंगा कॉलेज में आयोजित इसरो विषयक गोष्ठी में हासिल की गई सफलता भी शामिल है।
इस आयोजन में जिलेभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। शर्मिष्ठा ने चंद्रयान विषय पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की और प्रथम स्थान हासिल किया। वैज्ञानिक उपलब्धि को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करने का उनका यह प्रयास रचनात्मक सोच और विषय की समझ का बेहतर उदाहरण रहा।
शर्मिष्ठा केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं। जिला एवं संभागीय स्तर पर आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में उन्होंने मंच संचालन, चित्रकला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। बड़े मंच पर आत्मविश्वास के साथ कार्यक्रम का संचालन करना और दर्शकों से संवाद बनाए रखना उनकी खासियत है।
चित्रकला के क्षेत्र में शर्मिष्ठा ने संभागीय बाल भवन, जबलपुर में डाॅ. रेनू पांडे के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने चित्रकला की बारीकियों को सीखा और विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई बार प्रथम स्थान हासिल किया। रंगों और कल्पना के माध्यम से भावों को कागज पर उतारने की उनकी कला उन्हें एक अलग पहचान देती हैं।
शर्मिष्ठा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे किसी एक विधा तक सीमित नहीं हैं। कविता में संवेदनशील अभिव्यक्ति, चित्रकला में कल्पनाशीलता, अभिनय में भाव-प्रस्तुति, तात्कालिक भाषण में विचारों की स्पष्टता और मंच संचालन में आत्मविश्वास, इन सभी गुणों का संगम उनके व्यक्तित्व में दिखाई देता है।
शाला और बाल भवन के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा से वे शिक्षकों, निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित कर चुकी हैं। छोटी उम्र में उपलब्धियों की यह लंबी सूची बताती है कि यदि रचनात्मकता को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो प्रतिभा को पहचान बनाने से कोई नहीं रोक सकता।
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