
लाइफस्टाइल डेस्क। आजकल आई फ्लू के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीज शुरुआती स्तर पर सही उपचार लेने के बजाय खुद से दवाएं लेते हैं। इसके चलते संक्रमण बढ़ने और दवाओं के प्रति रेजिस्टेंस विकसित होने की समस्या सामने आ सकती है।
ऐसे मरीजों को ठीक होने में 15 से 20 दिन तक का समय लग रहा है। आंखों में संक्रमण होने पर केमिस्ट की दुकान से सीधे स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक दवाएं लेना नुकसानदायक हो सकता है।
बिना चिकित्सकीय जांच के इन दवाओं का इस्तेमाल संक्रमण को बढ़ा सकता है और दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा रहता है।
इसलिए घर पर खुद इलाज करने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। संक्रमण वायरल है या बैक्टीरियल, इसकी पहचान के बाद ही उपचार तय किया जाना चाहिए।
बीमारी के दौरान मरीजों को भूखा नहीं रहना चाहिए। पर्याप्त भोजन के साथ फल और सब्जियों का सेवन करना जरूरी है।
डायबिटीज के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि संक्रमण के दौरान उनकी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ब्लड शुगर नियंत्रित रखना चाहिए।

दी गई सलाह के अनुसार शुगर को 200 से नीचे रखने पर ध्यान दें। आई फ्लू के दौरान आंखों पर बार-बार पानी के छींटे मारने से बचना चाहिए।
चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, इससे आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। आंखों को रगड़ने और बिना सलाह दवा डालने से भी बचें। लक्षण बढ़ने पर तुरंत नेत्र चिकित्सक से जांच कराएं।
डाॅ. विवेक भंडारी, नेत्र रोग विशेषज्ञ