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जायका: हिमाचल की वादियों से भोपाल तक पहुंचा सिड्डू का स्वाद, भाप में पककर तैयार होता है पहाड़ी जायका

सिड्डू, जो अपने खास स्वाद, मुलायम बनावट और बनाने की पारंपरिक विधि के कारण पसंद किया जाता है। अब हिमाचल का यह जायका भोपाल में भी चखने को मिल रहा है।

By naman MishraEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 05:33:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 05:47:07 PM (IST)
जायका: हिमाचल की वादियों से भोपाल तक पहुंचा सिड्डू का स्वाद, भाप में पककर तैयार होता है पहाड़ी जायका
भोपाल तक पहुंचा सिड्डू का स्वाद।

HighLights

  1. सिड्डू की खासियत इसे बनाने के तरीके में छिपी है।
  2. इसे मुख्य रूप से गेहूं के आटे से तैयार किया जाता है।
  3. अब हिमाचल का यह जायका भोपाल में मिल रहा है।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पहाड़ी खानपान की बात हो तो हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद अपनी अलग पहचान रखता है। यहां के व्यंजनों में स्थानीय सामग्री और पारंपरिक तरीके से खाना बनाने की कला की झलक देखने को मिलती है।

इन्हीं में शामिल है सिड्डू, जो अपने खास स्वाद, मुलायम बनावट और बनाने की पारंपरिक विधि के कारण पसंद किया जाता है। अब हिमाचल का यह जायका भोपाल में भी चखने को मिल रहा है।

कोलार रोड स्थित एक निजी कैफे में हिमाचली सिड्डू परोसा जा रहा है। कैफे का संचालन अजीत सिंह करते हैं। यहां आने वाले लोग इस पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन का स्वाद ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें: क्‍या होता है तीर्थंकर खाना? जैन कम्‍युनिटी का पारंपरिक आहार जिसमें मसालों और मिठाई का है अनूठा स्‍वाद

भाप में पककर तैयार होता है सिड्डू

  • सिड्डू की खासियत इसे बनाने के तरीके में छिपी है। इसे मुख्य रूप से गेहूं के आटे से तैयार किया जाता है।
  • सबसे पहले आटे को गूंथकर कुछ समय के लिए रखा जाता है, ताकि पकने के बाद इसकी बनावट नरम रहे। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाई जाती हैं और उनमें भरावन भरा जाता है।
  • पारंपरिक रूप से इसकी भरावन में पिसी हुई दाल, अखरोट, मसाले और स्थानीय स्वाद के अनुसार दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।
  • भरावन तैयार होने के बाद लोइयों को मनचाहा आकार देकर भाप में पकाया जाता है।
  • भाप में पकने के कारण सिड्डू अंदर तक अच्छी तरह पकता है।
  • इसकी बाहरी परत हल्की सख्त, जबकि अंदर का हिस्सा नरम रहता है। इसे तैयार करने में अधिक तेल की जरूरत नहीं पड़ती।

चटनी से और निखरता है सिड्डू का स्वाद

  • यही वजह है कि यह व्यंजन तले हुए पकवानों से अलग पहचान रखता है।
  • आटे को तैयार करने से लेकर भरावन भरने और भाप में पकाने तक की प्रक्रिया इसके स्वाद को खास बनाती है।
  • सिड्डू का स्वाद उसके साथ परोसी जाने वाली चटनी से और निखरता है।
  • सिड्डू की नरम बनावट और भरावन के मसालों के साथ चटनी का स्वाद अच्छा मेल बनाता है।
  • भोपाल के कोलार रोड स्थित कैफे में इसे चटनी के साथ परोसा जा रहा है।
  • इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर परोसने से खाना भी आसान हो जाता है।
  • खानपान में नए स्वाद आजमाने के शौकीन लोगों के लिए सिड्डू एक अलग अनुभव हो सकता है।

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