
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को तकनीक से जोड़कर आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया पहला हेल्थ एटीएम अब खुद बदहाल व्यवस्था का शिकार हो गया है।
पांच मिनट में 60 प्रकार की जांचें और डॉक्टर से मुफ्त वीडियो परामर्श देने का दावा करने वाला हेल्थ एटीएम पिछले पांच माह से बंद पड़ा है। इसका कारण है जांच के लिए जरूरी किट और अन्य सामग्री नहीं होना। यह हेल्थ एटीएम कुलकर्णी नगर स्थित संजीवनी क्लिनिक में स्थापित है। जिस कक्ष में यह एटीएम लगाया था, वहां अब डस्टबीन रख दिए गए है।
उद्घाटन के समय दावा किया गया था कि यहां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड, कोविड-19, शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल, ईसीजी, किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट समेत 60 से अधिक प्रकार की जांचें निशुल्क उपलब्ध होंगी। साथ ही मरीजों को कुछ ही मिनटों में रिपोर्ट मिलने लगेगी। लेकिन अब कंपनी ने जांच किट भेजना ही बंद कर दी है। साथ ही जो आपरेटर इसे संचालित कर रहा था, वह भी यहां नहीं है। गौरतलब है कि इसके लोकार्पण के दौरान विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पार्षद जीतू यादव(जाटव) आदि उपस्थित रहे थे।
जानकारी अनुसार मशीन तकनीकी रूप से खराब नहीं है, बल्कि जांचों में उपयोग होने वाली किट, रिएजेंट और अन्य सामग्री की आपूर्ति लंबे समय से नहीं हो रही है। इसके कारण मशीन का संचालन बंद करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी इसे शुरू करवाने या किट की पुर्ति करवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रहवासियों के मुताबिक शुरुआत में इस सुविधा का अच्छा लाभ मिला। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज, जो निजी लैब और अस्पतालों में महंगी जांचें नहीं करा पाते थे, वे यहां आते थे। लेकिन अब हेल्थ एटीएम बंद हो गया है।
हेल्थ एटीएम ही नहीं स्वास्थ्य विभाग की कई मशीनें इसी प्रकार धूल खा रही है। शासकीय हुकूमचंद अस्पताल में भी डेढ़ वर्ष से सोनोग्राफी मशीन धूल खा रही है। क्योंकि यहां रेडियोलाजिस्ट नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसे कई उपकरण है, जो बंद पड़े हैं। इसका खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ता है।