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मोटापे और टाइप 2 डायबिटीज के बीच है सीधा संबंध

मोटापे और मधुमेह के बीच सीधा संबंध है, खासकर टाइप 2 मधुमेह। मोटापे का एक प्रमुख कारण शरीर में अतिरिक्त वसा का जमाव है, जो इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा द...और पढ़ें

By Alok BanerjeeEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 05:54:29 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 05:59:20 PM (IST)
मोटापे और टाइप 2 डायबिटीज के बीच है सीधा संबंध
मोटापा है बीमारियों की जड़।

HighLights

  1. मोटापे और मधुमेह के बीच सीधा संबंध है, खासकर टाइप 2 मधुमेह।
  2. मोटापे का एक प्रमुख कारण शरीर में अतिरिक्त वसा का जमाव है।
  3. जो इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ता है।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। मधुमेह के मरीजों में तनाव, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। तनाव रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे मधुमेह की जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, तनाव के कारण मरीजों में अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

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तनाव के कारण शरीर में तनाव हार्मोन का स्राव होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है। दूसरा लाइफ स्टाइल में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। जो व्यक्ति को मोटा बनाने के साथ अन्य विकार उत्पन्न कर रहा है।


मोटापे और मधुमेह के बीच सीधा संबंध है, खासकर टाइप 2 मधुमेह। मोटापे का एक प्रमुख कारण शरीर में अतिरिक्त वसा का जमाव है, जो इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा देता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ता है।

अंततः टाइप 2 मधुमेह हो सकता है। मोटापे के कारण शरीर की चयापचय प्रक्रियाएं बदल सकती हैं, जिससे रक्त शर्करा के स्तर पर नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है।

यह भी पढ़ें: मोटापे से होने वाली 10 खतरनाक बीमारियां

आयुर्वेद काॅलेज के सहायक प्रोफेसर, डाॅ. संजय पुरिया कहते हैं कि वजन कम करने से रक्त शर्करा के स्तर को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और मधुमेह के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अत: स्वस्थ वजन बनाए रखना मधुमेह को रोकने और प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।