
लाइफस्टाइल डेस्क। 50 साल की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना, प्रोस्टेटाइटिस (सूजन) और प्रोस्टेट कैंसर तीन प्रमुख समस्याएं हैं, जिनका समय पर पता चलना बेहद जरूरी है।
प्रोस्टेट पुरुषों में अखरोट के आकार की ग्रंथि है जो मूत्राशय के नीचे होती है। उम्र बढ़ने के साथ इसका आकार बढ़ने लगता है, जिससे मूत्र मार्ग पर दबाव पड़ता है। बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में 2-3 बार उठना, पेशाब शुरू करने में देर लगना या पेशाब के बाद भी मूत्राशय भरा लगना जैसे लक्षण हों तो इसे अनदेखा न करें।
ये लक्षण प्रोस्टेट के हो सकते हैं, लेकिन यही लक्षण प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती संकेत भी होते सकते हैं। अत: एक आयु के बाद हर पुरुष को साल में एक बार टेस्ट विशेषज्ञ की देखरेख में जरूर करानी चाहिए।

रात के समय 2 से 4 बार बिस्तर से उठना पड़ता है, 50 की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्याएं
जिनके परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास है, उन्हें 45 साल से ही जांच शुरू कर देनी चाहिए। शुरुआती स्टेज में पकड़ा गया प्रोस्टेट कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है।
यूरोलाजिस्ट डाॅ राजेश पटेल का कहना है कि बचाव के लिए जरूरी है कि तला-भुना और हाई फैट वाला खाना कम करें, हरी सब्जियां का सेवन बढ़ाएं। रोज 30 मिनट टहलें, वजन नियंत्रित रखें और धूम्रपान से बचें।
पानी खूब पिएं लेकिन शाम के बाद पानी कम कर दें ताकि रात में बार-बार पेशाब न जाना पड़े। लक्षण दिखने पर झिझकें नहीं। समय पर जांच ही सबसे अच्छा इलाज है।