
लाइफस्टाइल डेस्क। सुबह की शुरुआत एक कप गर्म कॉफी से करने वालों के लिए अब विकल्पों की कमी नहीं है। पहले कॉफी में चाकलेट, वनीला या थोड़ा-सा दूध मिलाकर स्वाद बदलने का चलन था।
अब शहर के कैफे में काफी के साथ नारियल, संतरा, क्रैनबेरी, पिस्ता, हेजलनट, मेपल, सी-साल्ट और प्रोटीन जैसे कई नए स्वाद जुड़ गए हैं। यही वजह है कि कॉफी अब सिर्फ गर्म पेय नहीं, बल्कि नए स्वाद आजमाने का जरिया भी बन गई है।
इंदौर में कॉफी के साथ हो रहे प्रयोग मेन्यू में साफ नजर आ रहे हैं। सामान्य के अलावा वी-60 पोर-ओवर, केमेक्स, फ्रेंच प्रेस और एयरोप्रेस जैसे तरीकों से भी कॉफी बनाई जा रही है। यानी कॉफी बनाने का तरीका बदलने के साथ उसके स्वाद में भी अंत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन दिनों कोल्ड ब्रू कॉफी की मांग भी दिखाई दे रही है। इसे गर्म पानी से तुरंत तैयार नहीं किया जाता।कैफे संचालक अंशुल पवार के अनुसार, काफी को ठंडे पानी में कई घंटों तक रखा जाता है। कुछ जगह इसे 12 घंटे से ज्यादा और कहीं 16 से 18 घंटे तक तैयार किया जाता है। इसके बाद कॉफी तैयार होती है। कोल्ड ब्रू में अब सिर्फ दूध या बर्फ ही नहीं डाली जा रही। वनीला क्रीम, मेपल, नारियल पानी और जिंजर एले जैसे विकल्प भी मिल रहे हैं। नारियल फोम कोल्ड ब्रू और नारियल फोम एस्प्रेसो जैसे पेय भी लोगों को अलग स्वाद दे रहे हैं।
इन दिनों कॉफी के साथ खासा प्रयोग किया जा रहा है। मेन्यू में आइस्ड पिस्ता लाटे, पिस्ता फोम कोल्ड ब्रू, पिस्ता फ्रैपे, पिस्ता मोचा और पिस्ता लाटे जैसे कई विकल्प हैं। कॉफी के ऊपर पिस्ता फोम की परत इसे स्वाद के साथ अलग रूप भी देती है। कैफे संचालक मोहित ठाकुर के अनुसार, कॉफी में नारियल का उपयोग भी बढ़ा है। नारियल की क्रीमी परत वाली काफी और नारियल पानी के साथ तैयार कोल्ड ब्रू जैसे पेय लोगों को सामान्य कॉफी से अलग अनुभव दे रहे हैं।
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कॉफी को अब नए तरीके में पेश किया जा रहा है। ‘क्लाउड’ सीरीज की कॉफी में ऊपर क्रीम या फोम की मोटी परत दी जाती है। इसमें सी-साल्ट कैरेमल क्लाउड, यूबे कोकोनट क्लाउड, यूबे आइस्ड लाटे क्लाउड और वियतनामी रोज क्लाउड जैसे स्वाद शामिल हैं। क्रीम, फोम, रंगीन परतों और अलग-अलग टॉपिंग के कारण ऐसी काफी देखने में भी आकर्षक लगती है।
कॉफी में बढ़ते प्रयोग का असर इसकी कीमत पर भी दिखाई दे रहा है। सामान्य कॉफी जहां 100 से 150 रुपये के आसपास मिल जाती है, वहीं नए स्वाद और खास तरीके से तैयार की गई कॉफी की कीमत 500 रुपये तक पहुंच रही है। इसमें कॉफी के साथ उपयोग होने वाली क्रीम, फोम, सिरप, नट्स और दूसरी सामग्री भी जुड़ती है।
अमन शुक्ला के अनुसार, ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, कैफीन का प्रभाव हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों को कम मात्रा में भी बेचैनी, घबराहट या नींद की समस्या हो सकती है। अधिक कैफीन लेने से सिरदर्द, तेज धड़कन, चिड़चिड़ापन और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक और अन्य कैफीनयुक्त चीजों का सेवन तय मात्रा में करना ही उचित है।