
लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर माता-पिता के साथ ऐसा होता है कि आधी रात को अचानक बच्चे का शरीर तपने लगता है। रात के समय, डॉक्टर से तुरंत संपर्क न हो पाना और बच्चे की बिगड़ती हालत ये सब मिलकर घबराहट बढ़ा देते हैं, खासकर नए पैरेंट्स के लिए। लेकिन ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सही घरेलू उपाय अपनाना ज्यादा जरूरी है।
रात में अचानक तेज बुखार आने पर स्पॉन्जिंग (Sponging) बच्चे के शरीर का तापमान कम करने का एक सुरक्षित और असरदार तरीका है।
स्पॉन्जिंग में गुनगुने पानी से बच्चे के शरीर को धीरे-धीरे पोंछा जाता है, जिससे शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलती है और बुखार धीरे-धीरे कम होने लगता है। यह तरीका खासतौर पर तब मददगार होता है, जब तुरंत दवा या डॉक्टर उपलब्ध न हों।
सबसे पहले एक कटोरे में हल्का गुनगुना पानी लें। ध्यान रखें कि पानी न ज्यादा गर्म हो और न ही ठंडा। अब एक साफ सूती कपड़ा पानी में भिगोकर ये स्टेप्स अपनाएं।
माथे से शुरुआत करें। सबसे पहले बच्चे के माथे को हल्के हाथों से पोंछें।
गर्दन पर ध्यान दें। इसके बाद गर्दन को स्पॉन्ज करें।
बुखार की सबसे गर्म जगहें पोंछें। फिर बगल और जांघों पर पानी से पोंछें, क्योंकि शरीर की गर्मी यहां ज्यादा जमा होती है।
अंत में हाथों और पैरों को अच्छी तरह से स्पॉन्ज करें।
स्पॉन्जिंग के दौरान कपड़े को बार-बार पानी में भिगोते रहें। अगर कटोरे का पानी बच्चे के शरीर की गर्मी से गर्म हो जाए, तो उसे तुरंत बदल दें। यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें, जब तक तापमान में गिरावट महसूस न होने लगे। जैसे ही बुखार कम होने लगे, स्पॉन्जिंग रोक दें।
कभी भी बर्फ या बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।
अगर बच्चे को स्पॉन्जिंग के दौरान ठंड लगने लगे या बेचैनी बढ़े, तो तुरंत प्रक्रिया बंद कर दें।
बुखार लगातार बढ़ता रहे या बच्चा सुस्त नजर आए, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
जब तापमान सामान्य होने लगे, तो बच्चे के शरीर को साफ सूती तौलिये से सुखा दें। इसके बाद उसे हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और दोबारा तापमान न बढ़े।
नोट - यह उपाय केवल प्राथमिक राहत के लिए है। अगर बच्चे का बुखार बार-बार आए, बहुत ज्यादा हो या अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।