
नीरज व्यास, इंदौर। कामकाजी युवाओं की तेज रफ्तार जिंदगी में कमर दर्द, घुटनों के दर्द जैसी समस्याओं ने ब्रेक सा लगा दिया है। खास कर महिलाएं इन परेशानियों से ज्यादा पीड़ित होती नजर आ रही हैं।
महाराजा यशवंत राव होलकर अस्पताल (एमवायएच) के फिजियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में जुलाई से लेकर सितंबर के बीच तीन महीनों में इलाज के लिए आने वाली 25 से 35 वर्ष की महिलाओं में इजाफा हुआ है।
महिलाओं के साथ इसी उम्र के कामकाजी पुरुष कमर दर्द से लेकर घुटनों का दर्द, कंधे का दर्द जैसी शिकायतें लेकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विभाग के आंकड़ों की मानें तो बीते तीन महीनोें में कमर दर्द के लगभग 30 प्रतिशत मामले, कंधे के दर्द के 22 प्रतिशत, घुटने के दर्द के 28 प्रतिशत और गर्दन के दर्द के 10 प्रतिशत मामले सामने आए। शेष करीब 10 प्रतिशत मरीज कोहनी, कलाई और अन्य जोड़ों के दर्द से संबंधित रहे।
फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 400 महिलाएं कमर दर्द की शिकायत लेकर पहुंची। महिलाओं में कमर दर्द के मामलों का अनुपात 30 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंचा है। वहीं, 25 से 35 वर्ष के पुरुषों में कमर दर्द का अनुपात 15 से बढ़कर 25 प्रतिशत हुआ है।
कंधे के दर्द के मामले करीब 22 प्रतिशत रहे। इनमें 330 पुरुष, 200 महिलाएं और 30 बच्चे दर्ज किए गए। हालांकि आयु वर्ग के आधार पर महिलाओं में तेजी से बढ़ोतरी सामने आई है। 25 से 35 वर्ष की महिलाओं में कंधे के दर्द का अनुपात 20 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो गया। इसी तरह पुरुषों में कंधे के दर्द का प्रतिशत 15 से बढ़कर 20 हो गया।
घुटनों के दर्द को उम्र बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले युवाओं के आंकड़े चौंकाते हैं। घुटने के दर्द के मामले करीब 28 प्रतिशत रहे। सबसे बड़ा बदलाव 25 से 35 वर्ष की महिलाओं में दर्ज हुआ है। इस आयु वर्ग में घुटने के दर्द का अनुपात 15 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत तक पहुंच गया। पुरुषों में भी घुटनों के दर्द के मामले 25 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत हो गए।
गर्दन के दर्द के करीब 10 प्रतिशत मामले सामने आए। इनमें 130 महिलाएं, 40 पुरुष और 50 बच्चे शामिल हैं। 25 से 35 वर्ष की महिलाओं में गर्दन के दर्द का अनुपात 8 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। पुरुषों में भी यह प्रतिशत 15 से बढ़कर 25 हो गया।
घुटनों में लगातार दर्द रहता और उठते-बैठते आवाज आती है, यहां देखें इलाज के तरीके और हर सवाल के जवाब
कमर, घुटने, कंधे और गर्दन के दर्द से बचने के लिए लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से बचें और हर 30-40 मिनट में थोड़ा चलें या स्ट्रेचिंग करें। मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय गर्दन को ज्यादा झुकाकर न रखें। रोजाना हल्की एक्सरसाइज, पैदल चलना और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरत को दिनचर्या में शामिल करें। वजन नियंत्रित रखें और दर्द होने पर लगातार दर्दनिवारक दवाएं लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
खराब लाइफस्टाइल के साथ ही विटामिन बी12 की कमी भी कमर दर्द, घुटनों के दर्द जैसी समस्याएं युवाओं में बढ़ा रही है। कामकाजी महिला पुरुष के मामले काफी बढ़े हैं।
मनीष गोयल, प्रभारी, फिजियोथेरेपी विभाग, एमवायएच
महिलाएं - 400
पुरुष - 230
बच्चे 45
पुरुष - 330
महिलाएं - 200
बच्चे - 30
महिलाएं 315
पुरुष - 200
बच्चे - 45
महिलाएं - 130
पुरुष - 40
बच्चे - 50