
लाइफस्टाइल डेस्क। HIV को एक समय बेहद खतरनाक बीमारी समझा जाता था, जिसका कोई इलाज ही संभव नहीं है। अब आधुनिक समय में परिस्थितियां बदल गई हैं। विज्ञान ने तरक्की की है। ऐसे में अब इस बीमारी से सामान्य जीवन जी सकता है।
वह भी शादी कर परिवार बढ़ा सकता है। समाज में इस बीमारी से जुड़े मिथक और डर अब भी बने हुए हैं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। इसी जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है।
World AIDS Day को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में HIV/AIDS को लेकर जागरूकता फैलाना है। इससे जुड़े सामाजिक भेदभाव को खत्म करना है। इस साल 2025 की थीम 'पुनर्विचार करें, पुनर्निर्माण करें और उठ खड़े हों' है। यह थीम HIV रोकथाम और इलाज में आने वाली चुनौतियों को पहचानकर वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने पर जोर देती है।
डॉक्टर्स और विशेषज्ञों के अनुसार, HIV पॉजिटिव व्यक्ति ART (Antiretroviral Therapy) ले रहा हो। उसकी viral load undetectable हो, तो वह HIV नेगेटिव पार्टनर से सुरक्षित रूप से शादी कर सकता है। इस स्थिति को U = U (Undetectable = Untransmittable) कहा जाता है। यानी जब वायरस शरीर में इतना कम हो कि आगे ट्रांसमिट ही न हो पाए।
यह एक गलत धारणा है कि HIV पॉजिटिव व्यक्ति के बच्चे भी HIV पॉजिटिव ही होंगे। आज IVF या प्राकृतिक प्रक्रिया दोनों के जरिए HIV नेगेटिव बच्चे का जन्म संभव है। बस समय पर इलाज और जरूरी मेडिकल केयर मिले।
HIV किसी की पहचान नहीं है। ऐसे लोगों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। समर्थन और सम्मान की आवश्यकता है। सही जानकारी, सही इलाज और भरोसे के साथ HIV पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों ही एक स्वस्थ और सफल वैवाहिक जीवन जी सकते हैं।