नईदुनिया न्यूज, आलीराजपुर: आलीराजपुर जिले के 145 यात्री चारधाम की यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों के साथ आयोजक ने धोखाधड़ी कर दी। यात्रियों को आधे रास्ते में उत्तराखंड के चमोली में ले जाकर छोड़ दिया। रास्ते में अतिरिक्त पैसे भी ले लिए। यात्री यहां चार दिन तक फंसे रहे।
शिकायत के बाद आयोजक केवलदास त्यागी महाराज को उत्तराखंड की चमोली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से शराब की बोतलें, गांजा और आपत्तिजनक सामग्री मिली है। बताया जाता है कि महाराज गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। आलीराजपुर में प्रतिष्ठित लोगों के माध्यम से बाबा ने पोस्टर बना लगवा रख थे।यात्रियों को एक निजी वाहन से प्रति सवारी 700 रुपये के हिसाब से लेकर हरिद्वार के लिए निकली है।
एक यात्री से 5100 रुपये लिए
यात्रियों ने बताया कि आलीराजपुर से केवलरामदासजी महाराज की अगुवाई में 'श्री केवलराम मानस यात्रा' रखी गई थी। इस दौरान श्रद्धालुओं को केदारनाथ, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग और यमुनोत्री के दर्शन कराने का दावा किया गया था। प्रति यात्री 5100 रुपये लिए गए थे। इसके तहत आधे रुपये ट्रस्ट को देना थे।
इसके लिए बकायदा पोस्टर भी लगवाए गए थे। पोस्टर में सुबह का नाश्ता और रात्रि भोजन देने की बात कही गई थी। पोस्टर में यात्रा की तारीख 14 से 26 सितंबर दर्ज है, लेकिन आलीराजपुर और जोबट से 145 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इनमें 55 पुरुष, 67 महिलाएं और 23 बच्चे शामिल थे। इस दौरान आधार, पासपोर्ट और फोटो भी मांगा गया था। यात्रियों से कुल 5 लाख 67 हजार रुपए लिए गए।
चार दिन बाद निकले थे यात्री
यात्रियों ने बताया कि कुछ यात्रियों ने डाक्यूमेंट्स जमा नहीं कराए। इस कारण 18 सितंबर को तीन बसों से सभी यात्री हरिद्वार के लिए निकले। यात्री अर्पित गुप्ता ने बताया कि रास्ते में बाबा ने दो से तीन हजार रुपए हर यात्री से ले लिए। दूसरे दिन हरिद्वार पहुंचे।
यहां आगे के सफर के लिए ट्रैवल एजेंसी की बसों का इंतजाम का दावा किया गया था।अर्पित गुप्ता ने बताया कि जिस टूर एजेंसी से बसों की व्यवस्था की गई थी, उसकी ओर से 11 हजार रुपये प्रति यात्री के हिसाब से भुगतान की बात सामने आई।
बस से गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के दर्शन कर लिए गए। आखिर में बद्रीनाथ पहुंचे। यहां से लौटते समय बुधवार को चमोली में ट्रैवल एजेंसी संचालक ने बसें खड़ी करवा दीं। वादे के मुताबिक ट्रैवल्स बसों के हरिद्वार में ही छोड़ना था।
12 लाख 30 हजार नहीं दिए तो बस रुकवाई
ट्रैवल फोन एक्सप्लोर नाम की टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी के संचालक का कहना है कि बाबाजी ने 11 हजार रुपये रुपए प्रति यात्री का तय किया था। उन्होंने 6 लाख 70 हजार रुपए दे दिए थे। कुल 18 लाख रुपए का बिल बना था। बाकी 12 लाख 30 हजार रुपए पीपलकोटी में देने की बात कही थी। यहां रुपए नहीं दिए, तो हमने बसें रोक दीं। कह दिया कि जब तक पूरा पेमेंट नहीं होगा, तब तक बसें आगे नहीं बढ़ेंगी। सभी यात्रियों को हमारी तरफ से ही पीपलकोटी में एक आश्रम में रुकवाया गया था। यहां एक कमरे में ही बाबा को रुकवाया था।
खुद के पैसे पर ही रुके रहे यात्री
यात्रियों ने फोन पर बताया कि ट्रस्ट की ओर से टूर एजेंसी को भुगतान किया जाना था। यात्रियों ने जब महाराज से संपर्क किया, तो उन्होंने भी सटीक जवाब नहीं दिया। यात्री अर्पित गुप्ता ने सोशल मीडिया पर भी वीडियो अपलोड कर जोबट विधायक महेश शुक्ला से भी मदद की गुहार लगाई।
इस दौरान सभी यात्री ट्रस्ट के आश्रम में ही रुके रहे, लेकिन खाने-पीने का इंतजाम नहीं था। खुद के पैसे से ही खाना-पीना पड़ा। मामले में कलेक्टर नीतू माथुर ने तुरंत उत्तराखंड के चमोली कलेक्टर से फोन पर संपर्क किया। इसके साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए भी बातचीत की गई। प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। ट्रैवल एजेंसी और यात्रा आयोजक के बीच बातचीत कराई। इसके बाद शुक्रवार सुबह सभी यात्री हरिद्वार के लिए बसों से रवाना किया गया।
बाबा निकला नशेड़ी, कमरे से मिली शराब की बोतल
शिकायत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आयोजक बाबा केवलरामदास त्यागी महाराज के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बाबा के कमरे की तलाशी ली। यहां से शराब की बोतल और गांजा मिला है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
उधर, विवाद का समाधान नहीं होने पर 145 यात्रियों ने खुद 700-700 रुपए जुटाकर दूसरी बस की व्यवस्था की। यहां से आलीराजपुर के लिए रवाना होंगे। मामले में आलीराजपुर नगरपालिका अध्यक्ष व जोबट विधायक सेना महेश पटेल का कहना है कि हमने यात्रियों से फोन पर जानकारी ली है।