जब तक मैं और अधिकारी संतुष्ट न हों, खनिज नीलामी आगे न बढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
जमीन अधिग्रहण के विरोध में पिछले पांच दिनों से चल रहे धरना आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार रात वर्चुअल माध्यम से आंदोलनकारी किसानों ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 05:02:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 05:07:40 PM (IST)
संवाद के दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और भूस्वामी मौजूद रहे। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- वर्चुअल संवाद में किसानों को आश्वासन, मंत्री नागर सिंह समेत भाजपा नेता मौजूद
- जमीन अधिग्रहण के विरोध में पिछले पांच दिनों से चल रहा था धरना आंदोलन
- संवाद के दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और भूस्वामी मौजूद रहे
नईदुनिया न्यूज, जोबट (आलीराजपुर) : जमीन अधिग्रहण के विरोध में पिछले पांच दिनों से चल रहे धरना आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार रात वर्चुअल माध्यम से आंदोलनकारी किसानों और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री के संवाद के दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और भूस्वामी मौजूद रहे।
सीएम ने कहा, "मेरा सौभाग्य है कि मैं आपको देख पा रहा हूं। यहां की जमीन चली गई है। हमारे रहते किसी के साथ गलत नहीं होगा। यदि ऐसा हुआ तो हमारा और सरकार का होना ही गलत है। हम सबसे पहले आपके साथ खड़े हैं। जब तक मैं और अधिकारी संतुष्ट न हो जाएं, खनिज विभाग नीलामी की प्रक्रिया आगे न बढ़ाए। फालतू की बातों पर ध्यान न दें।"
"यह सफलता सबकी मेहनत का परिणाम"
वर्चुअल संवाद से पहले संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आंदोलन की सफलता का श्रेय समिति अध्यक्ष दीपक चौहान को दिया। इस पर चौहान ने कहा कि यह आंदोलन सभी का है और यह सफलता सभी की मेहनत का परिणाम है। माधोसिंह डावर और विशाल रावत ने कहा कि धरने को सफल बनाने के लिए सभी ने जी-जान से मेहनत की। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए कहा कि किसी की जमीन नहीं जाएगी। कांग्रेस सिर्फ लोगों को भ्रमित कर रही है। वह भाजपा के विकास कार्यों को बर्दाश्त नहीं कर पा रही, इसलिए लोगों को भटकाने का काम कर रही है।
मंत्री नागर सिंह चौहान ने पांच दिन तक संघर्ष करने वाले समिति पदाधिकारियों और किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा, "आगे चुनाव हैं। जब-जब चुनाव आते हैं, कांग्रेस के नेता सक्रिय हो जाते हैं। किसी के बारे में अपशब्द कहना शोभा नहीं देता।" कांग्रेस नेता महेश पटेल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "हम आपके पिता से नहीं डरे तो आपसे क्या डरेंगे।"
पांच दिन से जारी था धरना
खनिज नीलामी से प्रभावित गांवों में जमीन अधिग्रहण के प्रस्तावों को लेकर भाजपा नेताओं, संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने पांच दिन से धरना दे रखा था। समिति की मुख्य मांग प्रभावित किसानों की जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव निरस्त करने और किसानों की सहमति के बिना कोई कार्रवाई न करने की थी। कलेक्टर नीतू माथुर भी धरना स्थल पहुंची थीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और संबंधित भूस्वामी की सहमति के बिना अधिग्रहण नहीं होगा। इसके बावजूद समिति मुख्यमंत्री से स्पष्ट आश्वासन की मांग पर अड़ी थी।