
नईदुनिया प्रतिनिधि, अनूपपुर। गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात तीन हाथियों के झुंड के एक हाथी द्वारा जैतहरी नगर में एक 80 वर्षीय वृद्ध पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।हाथी के हमले में घायल वृद्ध की जिला अस्पताल में उपचार दौरान मौत हो गई। रात करीब 12 बजे की यह घटना है।
घटना के अनुसार तीनों हाथियों का समूह जो 25 दिनों से जैतहरी इलाके में है। जो दो दिनों से जैतहरी नगर में रात होते ही आ जाते हैं गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात तीनों हाथी पचौहा के पाठबाबा जंगल से निकल कर टकहुली लहरपुर से देर रात नगरपरिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 3 पथरहा टोला में पहुंचें जहां खेत में बने घर के पास से बाहर शोरगुल सुनकर निकले 80 वर्षीय वृद्ध हंशलाल पिता नोहरा राठौर का अचानक हाथियों से आमना-सामना हो गया।
एक हाथी ने वृद्ध को सूंड से पकड़ कर जमीन में पटक दिया तथा पैर से दबा कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिससे पैर गंभीर रूप से चोट ग्रस्त हो गया, इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां मौजूद थे हो हल्ला होने के बाद हाथी वापस तालाब की तरफ चले गए। घटना दौरान वृद्ध के बड़े बेटे के पुत्र संजय राठौर वहां पहुंचा और जैसे ही हाथी वापस जंगल की तरफ गए तुरंत घायल को पहले जैतहरी प्राथमिक अस्पताल लाया गया फिर निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
इलाज दौरान वृद्ध की मौत हो गई। तीनों हाथी जैतहरी एवं लहरपुर ग्राम के समीप जंगल में अभी भी मौजूद है। जिले में हाथियों से इस घटना को मिलाकर कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है। जानकारी अनुसार सबसे पहले घटना चचाई सोन नदी किनारे के खेत में हुई थी।
पहली बार हाथी यहां पहुंचा था और एक व्यक्ति को पटक कर मार दिया था। वर्ष 2021 में बिजुरी वन पर क्षेत्र के बेलगांव बीट में झोपड़ी में मौजूद एक चार वर्षीय बच्चे को हाथियों ने घायल कर दिया था जिसकी जान चली गई थी। वर्ष 2023 में जैतहरी वन परिक्षेत्र के कुदुरझोरी नाला के पास एक किसान को पटक दिया था। वर्ष 2024 में जैतहरी क्षेत्र के ही गोबरी गांव में हाथी ने कुचलकर एक ग्रामीण को मार डाला था।
पिछले छह साल से लगातार हाथी छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से अनूपपुर जिले में आ रहे हैं और घरों में तोड़फोड़ करते हुए खेत और सब्जी बाड़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।इसी तरह मानव हानि भी कर रहे हैं लेकिन वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्य योजना इन हाथियों को रोकने या घटनाओं पर अंकुश लगाने नहीं बनाई है।