
नईदुनिया प्रतिनिधि, अनूपपुर। वन्यजीव शिकार के एक मामले में अनूपपुर वन मंडल की अहिरगवां वन परिक्षेत्र टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि खेत में लगाए गए तार के फंदे में फंसने से तेंदुआ शावक की मौत के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए उसका शव जंगल में फेंक दिया गया। वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अपराध की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
घटना राजस्व जिला शहडोल के ग्राम एवं ग्राम पंचायत काचोदर की बताई गई है। यह क्षेत्र अहिरगवां वन परिक्षेत्र के औढेरा बीट के जंगल से लगा हुआ है। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने औढेरा बीट के कक्ष क्रमांक-1 में तलाश की। यहां जंगल में तेंदुआ शावक का शव मिला, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
मामले में संदेह के आधार पर ग्राम काचोदर निवासी रामरतन पिता देवीदीन (63) और रामबहोर पिता भगवान दास (59) को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
जांच में डॉग स्क्वॉयड की भी मदद ली गई। टीम ने दोनों आरोपियों के घर और खेतों की तलाशी ली। इस दौरान एक के घर की बाड़ी से शिकार में इस्तेमाल किया गया तार का फंदा बरामद किया गया।
वन विभाग के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने तेंदुआ शावक के शिकार और शव को जंगल में फेंककर साक्ष्य छिपाने की बात स्वीकार की है। इसके बाद गुरुवार को वन विभाग ने शावक का शव परीक्षण कराया और आवश्यक नमूने सुरक्षित किए। नियमानुसार शवदाह की कार्रवाई भी की गई।
मामले की विवेचना मुख्य वन संरक्षक शहडोल एमपी सिंह, अनूपपुर वन मंडलाधिकारी डेविड वेंकटराव चनाप और राजेंद्रग्राम एसडीओ वन जसवंत सिंह मीणा के निर्देशन में की जा रही है। अहिरगवां वन परिक्षेत्र अधिकारी सिद्धार्थ तिवारी टीम के साथ जांच में जुटे हैं।