
नईदुनिया न्यूज,राजेंद्रग्राम। पवित्र नगरी अमरकंटक के जूना अखाड़ा से जुड़े संत हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायालय, राजेंद्रग्राम ने आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धनकुमार कड़ोपे ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपित को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फैसला सुनाए जाने के बाद दोषी को तत्काल जेल भेज दिया गया।
मामला अमरकंटक के गढ़ीदादर चचानडीह स्थित शिवदावा आश्रम जूना अखाड़ा से जुड़ा है। यहां संत दादा अलबेले भोलगिरी खड़ेश्वरी महाराज की हत्या कर दी गई थी।
बताया गया आरोपित 14 अगस्त 2024 को उक्त आश्रम एक महिला के साथ पहुंचा था तब संत ने आश्रम में गलत व्यवहार और शराब का विरोध किया था तभी आरोपी ने गला घोटकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी झारखंड के रास्ते नेपाल भागने के प्रयास में था। सूचना पर पुलिस ने जमशेदपुर से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत ने मामले में उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपित को दोषी ठहराया। न्यायालय ने अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
संत हत्याकांड में सजा सुनाए जाने के बाद जूना अखाड़ा के संतों और स्थानीय लोगों में संतोष का माहौल है। संत समाज इस मामले में लंबे समय से कठोर सजा की मांग कर रहा था। न्यायालय के फैसले को मामले में न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
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