
नईदुनिया प्रतिनिधि, अशोकनगर। जिला अस्पताल में एक दिन की नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। कोतवाली पुलिस की जांच में सामने आया है कि नवजात की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी मां ने ही की थी। पुलिस के अनुसार बच्ची को जन्म देने के बाद मां के पास अकेले रहने के दौरान उसने अंगूठे और उंगली से बच्ची का गला दबा दिया। बाद में बच्ची की नाक से खून निकलता देखकर उसने परिजनों को बताया कि बच्ची को पता नहीं क्या हो गया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी थी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बच्ची की मां भावना विश्वकर्मा और उसकी सास राजन बाई, पति और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। वहीं नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टर ने गला घोंटने से मौत होने की पुष्टि की।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्य घटना की दिशा मां की ओर इशारा कर रहे थे। महिला की तबीयत खराब होने के कारण पुलिस ने उससे तत्काल कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संवेदनशील तरीके से बातचीत की। जब वह बातचीत करने की स्थिति में आई तो उससे पूछताछ की गई। करीब चार-पांच घंटे की पूछताछ के बाद उसने बच्ची की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
प्रसव के बाद नर्स और डॉक्टर द्वारा बच्ची को उसके पास सुलाए जाने के बाद मां और बच्ची कुछ समय के लिए अकेले थे। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान उसने बच्ची का गला दबा दिया। पुलिस के अनुसार बच्ची की हत्या के बाद मां ने घटना को छिपाने का प्रयास किया और परिजनों को बताया कि बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो गई है। बच्ची की नाक से खून निकलने के बाद मामला सामने आया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसपी ने यह भी कहा कि प्रसव के बाद महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति, परिवार का दबाव तथा घटना से पहले का पूरा माहौल भी विवेचना का हिस्सा है। यदि महिला पर किसी प्रकार का दबाव या ताने दिए जाने की बात सामने आती है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। फिलहाल पुलिस को हत्या में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
पुलिस ने पहले नवजात की सास, पिता और अन्य परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारियों ने बच्ची की मां से संवेदनशील तरीके से पूछताछ की। करीब चार-पांच घंटे की पूछताछ के बाद मां ने बच्ची का गला दबाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान महिला रो भी रही थी और घटना पर अफसोस जताया।
घटना के समय अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने खंगाली। पुलिस के अनुसार जिस अवधि में बच्ची अपनी मां के पास थी, उस दौरान कोई अन्य व्यक्ति अंदर जाता हुआ नहीं दिखाई दिया। अब तक की जांच में भी बच्ची की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की मदद या संलिप्तता सामने नहीं आई है।
पूछताछ में सामने आया कि परिवार को इस बार बच्चा होने की उम्मीद थी। परिवार में पहले से एक बच्ची होने के कारण बच्ची के जन्म को लेकर मानसिकता नकारात्मक थी। एसपी ने कहा कि परिवार की ओर से किसी प्रकार का दबाव या ताने दिए गए थे या नहीं, इसकी भी विवेचना की जा रही है। फिलहाल पुलिस को हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की प्रत्यक्ष भूमिका के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रही हैं। शिक्षा, सेना, पुलिस, राजनीति और अंतरिक्ष विज्ञान तक बेटियों ने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि बेटियों को लेकर समाज की सोच बदलनी होगी। ईश्वर की देन मानकर बेटियों को स्वीकार करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनके साथ इस तरह की क्रूरता नहीं होनी चाहिए।
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