
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। क्षेत्र में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सिंचाई परियोजनाओं का बड़ा संजाल बिछाया जा रहा है। इन दूरगामी परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले और आसपास के क्षेत्रों में पानी की किल्लत दूर होगी और हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय किसानों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रामपुरा-मनासा सिंचाई परियोजना का खाका तैयार किया गया है। इस दूरगामी परियोजना के माध्यम से 212 गांवों के किसानों को सिंचाई का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
परियोजना से कुल 67 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को निश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से लगभग 36 हजार किसान परिवारों को सीधा आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा, जिससे उनकी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इसके साथ ही क्षेत्र के बड़े हिस्से को कवर करने के लिए जावद-नीमच एवं खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना प्रस्तावित की गई है। सूक्ष्म सिंचाई तकनीक (माइक्रो इरिगेशन) पर आधारित यह महत्वाकांक्षी योजना जल संरक्षण के साथ-साथ अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
इस प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन से 500 से अधिक गांवों को कवर किया जाएगा। इससे 1 लाख हेक्टेयर से अधिक विशाल कृषि क्षेत्र को बेहतर सिंचाई सुविधा हासिल होगी।
इन दोनों प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के शुरू होने से क्षेत्र के 700 से अधिक गांवों का व्यापक कायाकल्प होगा। कुल मिलाकर 1 लाख 67 हजार हेक्टेयर से अधिक की भूमि उपजाऊ और सिंचित बनेगी।
पानी की सुलभ उपलब्धता से किसान न केवल पारंपरिक फसलों की बेहतर पैदावार कर सकेंगे, बल्कि नकदी फसलों की ओर भी आसानी से रुख कर सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों की आय में इजाफा होगा।