
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुंगावली/अशोकनगर। मुंगावली क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर बेतवा का लंबे समय से सीना छलनी कर रहे रेत माफियाओं पर आखिर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया। जिले में अल्प समय के लिए आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर राजनीतिक संरक्षण में फल फूल रहे रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। इस दौरान अवैध रेत का उत्खनन करने पर 5 वोट, 7 डंपर, 3 पोकलेन मशीन, दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों को जब्त किया गया है। इस दौरान कुछ लोगों को भी पकड़ा गया है जिनके द्वारा यह जानकारी ली जा रही है कि इस रेत के काले कारोबार में कौन-कौन संलिप्त है।
रविवार को मुंगावली क्षेत्र में मल्हारगढ़, बिल्हेरू एवं भेड़का घाट पर खनिज बजरी का अवैध उत्खनन किए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम इसरार खान, खनिज अधिकारी वीरेंद्र वर्मा सहित विभिन्न थानों की पुलिस टीम ने पहुंचकर जब कार्रवाई की तो बेतवा नदी में अवैध उत्खनन करते हुए विभिन्न स्थानों पर पनडुब्बी मशीन, पोखलिन मशीनें सहित डंफर मिले। इस दौरान कुछ लोग टीम को देखकर भागने में कामयाब हो गए तो कुछ लोगों को टीम ने पकड़ लिया।
हालांकि उक्त रेत माफिया कौन है इसका खुलासा तो आगामी कार्रवाई में देखने मिलेगा लेकिन इस कार्रवाई की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में सुनाई देती रहीं। क्योंकि मुंगावली के जनप्रतिनिधियों से लेकर आला अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहे इस काली रेत के उत्खनन पर कार्रवाई आखिर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देशों पर की गई। ऐसे में जिले में अन्य स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन करने वालों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि बेतवा नदी पर जिन स्थानों पर प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की वे खदानें स्वीकृत ही नहीं हैं। हालांकि किसी धनलक्ष्मी कंपनी को रेत का उत्खनन का टैंडर मिला है लेकिन कंपनी जहां पर खदान स्वीकृत है वहीं से रेत का उत्खनन कर सकती हैं। सूत्रों की मानें तो काली रेत का यह काला खेल बगैर राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है। ऐसे में अब जिले के जवाबदार जनप्रतिनिधियों पर भी लोगों के सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
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नियमानुसार जहां से रेत का उत्खनन किया जाता है वहां अगर नदी में पानी है तो वहां से रेत मशीनों या दूसरे साधनों से नहीं निकाली जा सकती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी द्वारा इसके लिए माप दण्ड तय किए गए हैं। लेकिन रेत माफिया बाहुबलियों के साथ सांठगांठ कर अवैध रेत का उत्खनन लंबे समय से कर करोड़ों रुपए डकार चुके हैं। रविवार को भी जिन स्थानों पर कार्रवाई हुई वहां किसी भी तरह की खदान स्वीकृत नहीं है।
एसडीएम मुंगावली इसरार खान ने कहा कि मौके पर टीम ने पहुंचकर अवैध रेत का उत्खनन कर रहीं मशीनों को जब्त कर लिया है। वहीं कुछ लोगों को भी मौके पर पकड़ा है जिनसे पूछताछ की जा रही है। जो भी वोट मिली थीं उनको जलाकर नष्ट कर दिया है।