
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में आइपीएस अधिकारियों का कभी बड़ा तो कभी छोटा बैच होने के कारण अब कामकाज पर भी असर पड़ेगा। इस वर्ष दिसंबर में स्पेशल डीजी पवन श्रीवास्तव सेवानिवृत होंगे। वर्ष 2026 में तीन स्पेशल डीजी और तीन एडीजी सेवानिवृत होने जा रहे हैं।
उधर, 2026 में एडीजी के पद पर अकेले जबलपुर के आइजी प्रमोद वर्मा पदोन्नत हो पाएंगे। कारण, 2001 बैच में वह अकेले अधिकारी हैं। इस तरह वर्ष के अंत तक स्पेशल डीजी और एडीजी मिलाकर 32 अधिकारी ही बचेंगे। अभी इनकी संख्या डीजीपी को मिलाकर 39 है। वर्तमान स्थिति में स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के नौ अधिकारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
अगले वर्ष भी यही स्थिति रही तो कामकाज पर असर पड़ना तय है। इसकी वजह यह कि स्पेशल डीजी या एडीजी के पास दो से तीन शाखाओं का प्रभार रहेगा। अभी से ऐसी स्थिति बनने लगी है। उदाहरण के तौर पर एडीजी चयन शाहिद अबसार के पास पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआइ) का भी अतिरिक्त प्रभार है।
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पंकज श्रीवास्तव के पास एसटीएफ और नक्सल आपरेशन, योगेश चौधरी के पास प्रबंध और योजना, अनिल कुमार के पास महिला सुरक्षा, कल्याण और लेखा शाखा की जिम्मेदारी है। 2027 में स्थिति और बिगड़ेगी, क्योंकि तीन स्पेशल डीजी रिटायर होंगे, जबकि पदोन्नत मात्र भोपाल के आइजी ग्रामीण अभय सिंह पदोन्नत हो पाएंगे, क्योंकि वह भी 2002 के बैच में अकेले हैं।