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बालाघाट में कान्हा के 16 हाथी एक सप्ताह करेंगे आराम, रोज होगी मालिश और स्वास्थ्य जांच

दरअसल, इस अवधि में परिक्षेत्र सुपखार में हाथियों का पुनर्यौवन (रिजुविनेशन) कैंप आयोजित किया जाएगा। यह कैंप उन हाथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए...और पढ़ें

By Yogesh Kumar GautamEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 03:38:13 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 03:38:13 PM (IST)
बालाघाट में कान्हा के 16 हाथी एक सप्ताह करेंगे आराम, रोज होगी मालिश और स्वास्थ्य जांच
हाथियों को आराम, बेहतर आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और सामाजिक व्यवहार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाएगा। फाइल

HighLights

  1. नौ नर, छह मादा और एक नवजात हाथी हैं
  2. कान्हा टाइगर रिजर्व में पुनर्यौवन कैंप 14 से
  3. 16 वर्षाें से लगातार आयोजित हो रहा है आयोजन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए वह 14 से 20 सितंबर तक कार्य से मुक्त रहेंगे।

महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है इनका उपयोग

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में 16 विभागीय हाथी हैं, जिनमें नौ नर, छह मादा और एक नवजात हाथी हैं। इन हाथियों का उपयोग वन्यजीव संरक्षण, गश्ती, वन्यजीव अनुश्रवण और ट्रांसलोकेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है। कैंप के दौरान हाथियों को आराम, बेहतर आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और सामाजिक व्यवहार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाएगा।

विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा

सभी हाथियों को एक साथ रहने, खाने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा। कैंप में विशेष आहार के साथ वन्यजीव चिकित्सक द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। हाथियों के रक्त, फीकल और मूत्र के नमूने लेकर आवश्यक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।


रोज करेंगे स्नान, शरीर और पैरों की होगी मालिश

कैंप के दौरान होने वाली गतिविधियों में हाथियों को सुबह जंगल से लाकर नहलाया जाएगा। उनके शरीर और पैरों की मालिश की जाएगी। दोपहर में महावत और चाराकटरों के साथ खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शाम को भोजन के बाद हाथियों को दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा।

महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा

कैंप के दौरान महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे हाथियों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा हाथियों के संरक्षण और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह पुनर्यौवन कैंप लगातार 16 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।

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