
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। बैगा क्षेत्रों में मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। मातला गांव में डेढ़ साल के बिसरू परते की मौत हो गई।
परिजन के अनुसार, बिसरू के शरीर पर दाने निकलने पर उसे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छुट्टी मिलने के बाद घर लौटने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और जान चली गई। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
बिरसा ब्लाक के मातला के ही तीन और बीमार बच्चों जीवन धुर्वे पिता बीरबल (1), किशन धुर्वे पिता सोमेलाल (3) और लासु धुर्वे पिता सोमेलाल (6) को लांजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बालाघाट जिला अस्पताल में भी नौ बच्चों का इलाज चल रहा है। लांजी सिविल अस्पताल में छह का इलाज जारी है।
सीएमएचओ डाॅ. शत्रुघन दाहिया ने बच्चे की मौत की जांच कराने की बात कही है। खैरागढ़ अस्पताल की रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रशासन का कहना है कि अब तक 32 मृत बच्चों के स्वजन को मुआवजा राशि दी गई है, जबकि विपक्ष का दावा है कि यह आंकड़ा 45 से ज्यादा है। पिछले दिनों लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी प्रभावित गांवों का दौरा कर चुके हैं।
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