
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बैगा बहुल गांवों में बीमारी से कई बच्चों की मौत के बाद शनिवार को काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके पीड़ितों से मिले।
उन्होंने रविवार को इंटरनेट मीडिया पर व्यंग्यात्मक पोस्ट की। इसमें खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए लिखा- ‘मैं तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं।’ उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला, लेकिन वह इसमें स्पष्ट रूप से विफल रहे।
यह पत्र बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर अभिजीत दीपके का मध्य प्रदेश सरकार पर कटाक्ष है। उधर, उनके बालाघाट दौरे का बाहर से आए कथित इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर द्वारा सवाल पूछना, अब विवाद और विरोध का कारण बन गया है।
दीपके महिला से मांग रहे माफी
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला अभिजीत से सवाल कर रही है, जिसके जवाब में वह माफी मांगते नजर आ रहे हैं। इस इंफ्लुएंसर्स द्वारा कवरेज को लेकर प्रश्न उठाए गए। इसको लेकर उससे बहस व विवाद भी हुआ।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर संभाग में 3187 लीटर अवैध शराब जब्त, 122 तस्कर गिरफ्तार
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने रविवार को सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता लेकर इस घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि बालाघाट में डेरा डाले हुए ये इंफ्लुएंसर्स प्रायोजित हैं।
बच्चों की मौत का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग
बैगा आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मौत के वास्तविक कारण की स्वतंत्र और चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर-झांसी बायपास पर खर्च होंगे 109 करोड़, ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए बनाए जाएंगे 3 अंडरपास-फ्लाई ओवर