बालाघाट में घर में अकेली पाकर मानसिक दिव्यांग को बनाया था शिकार, कोर्ट ने दुष्कर्मी को दी 15 साल की सजा
बालाघाट सत्र न्यायालय ने मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के दोषी को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5 लाख रुपये के मुआवजे की...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 12:40:27 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 12:40:27 PM (IST)
बालाघाट में घर में अकेली पाकर मानसिक दिव्यांग को बनाया था शिकार। (नईदुनिया)HighLights
- बालाघाट में दिव्यांग युवती से दुष्कर्म पर कोर्ट का फैसला।
- दोषी अम्बर लाल को 15 वर्ष का सश्रम कारावास।
- अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट: जिले में एक दिव्यांग युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण की अदालत ने आरोपी अम्बर लाल पिता हगरू लाल जामुरे, 38 वर्ष, निवासी ग्राम घोटी, थाना लांजी को दोषी करार देते हुए यह सजा दी।
घर में अकेली पाकर किया दुष्कर्म
अभियोजन के अनुसार पीड़िता 22 वर्षीय युवती मानसिक रूप से दिव्यांग है और ठीक से बोल नहीं पाती। 23 दिसंबर 2024 को दोपहर करीब 4 बजे वह अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी आरोपी ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
- घटना की रिपोर्ट पर लांजी पुलिस थाने में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 332 और 64(2)(के) के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया।
- मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में हुई, जहां अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा। अदालत ने समस्त परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई है। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक एमएम द्विवेदी ने की।
पीड़िता को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की अनुशंसा
अदालत ने मामले को संवेदनशील मानते हुए पीड़िता को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने की अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से की है। अदालत ने कहा कि मानसिक रूप से दिव्यांग महिला के साथ हुए इस अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों की पीड़िताओं के लिए प्रतिकर योजना 2018 के तहत पीड़िता को प्रतिकर दिया जाना न्यायोचित है।