बालाघाट चावल घोटाला : कुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद आनंद ठाकरे पर शिकंजा
अब पुलिस काॅल डिटेल, रजिस्टर और वित्तीय लेन-देन को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है। ठाकरे की गिरफ्तारी न होने पर एसआईटी की कार्रवाई पर सवाल...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 04:02:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 04:02:40 PM (IST)
ठाकरे की ओर से भी कानूनी राहत लेने के प्रयास तेज हो गए हैं। सौजन्य एआईHighLights
- एसआईटी ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी
- एवीजे एथनाॅल प्लांट के लिए चावल बिक्री से आगे बढ़े कनेक्शन
- भुगतान के सुराग और काल डिटेल खंगाल रही जांच टीम
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। चर्चित चावल कांड की जांच एक और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद फरार राइस मिलर आनंद ठाकरे जांच एजेंसी के रडार पर है। एसआइटी ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है।
कानूनी राहत लेने के प्रयास तेज हो गए
इसी बीच संचेती राइस मिल के मालिक गंभीर संचेती और उनके पुत्र सौरभ संचेती को अग्रिम जमानत मिलने के बाद ठाकरे की ओर से भी कानूनी राहत लेने के प्रयास तेज हो गए हैं।
नकद और बैंक खातों के जरिए भुगतान के साक्ष्य
जांच में ठाकरे की भूमिका कथित तौर पर केवल एवीजे एथनाल प्लांट के लिए चावल की बिक्री कराने तक सीमित नहीं मानी जा रही। पुलिस को कुछ मिलर्स द्वारा ठाकरे को नकद और बैंक खातों के जरिए भुगतान किए जाने के साक्ष्य मिलने की जानकारी है।
टेलीफोनिक संपर्क भी जांच का हिस्सा
गिरफ्तार राइस मिलर सुरेंद्र राणा और ठाकरे के बीच सरकारी चावल की कथित हेराफेरी से पहले और उसके दौरान हुए टेलीफोनिक संपर्क भी जांच का हिस्सा हैं।
- कुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद आनंद ठाकरे रडार पर।
- संभावित ठिकानों पर एसआइटी की दबिश।
- गंभीर और सौरभ संचेती को अग्रिम जमानत के बाद ठाकरे भी कानूनी विकल्प तलाश रहा।
- भुगतान के कथित नकद और बैंक ट्रांजेक्शन जांच के दायरे में।
- सुरेंद्र राणा और ठाकरे के बीच कथित टेलीफोनिक संपर्क की भी पड़ताल।
- ठाकरे की गिरफ्तारी न होने पर एसआईटी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
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