
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। जिले में किरनापुर थाने में चोरी के शक में महिला से मारपीट के मामले में निलंबित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद एसपी मिश्रा ने सात सितंबर को संबंधित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। डीएसपी (महिला सुरक्षा शाखा) प्रतिष्ठा राठौड़ के नेतृत्व में गठित एसआईटी को दो सप्ताह में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
एसआईटी के प्रतिवेदन के अनुसार, संबंधित महिला को न्यायालय में पेश किए जाने से पहले नियमानुसार चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था। न्यायालय में पेशी के दौरान अधिवक्ता भी मौजूद थे। उस समय न्यायालय के समक्ष मारपीट अथवा शारीरिक चोट से संबंधित कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।
सूर्यास्त के बाद हुई थी गिरफ्तारी
इसके बाद आवेदिका ने थाने में जबरन स्वीकारोक्ति कराने और असंवैधानिक रूप से हिरासत में रखे जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की।
एसआईटी की जांच में मुख्य विधिक त्रुटि के रूप में यह तथ्य सामने आया कि सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनिवार्य पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना महिला की गिरफ्तारी सूर्यास्त के बाद की गई थी।
रोजनामचा में प्रविष्टि किए जाने में भी विलंब पाया गया। जांच दल द्वारा संकलित साक्ष्यों और बयानों के आधार पर इन प्रक्रियागत उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद संबंधित चार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध महिला थाना बालाघाट में अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस ने अभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रकरण में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई विवेचना के दौरान की जाएगी।
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