
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जयाआरोग्य अस्पताल समूह के कमलाराजा अस्पताल (केआरएच) में खून उपलब्ध कराने के नाम पर दलाली का मामला सामने आया है। भिंड से रेफर होकर आई गर्भवती अमिषा सिकरवार के स्वजन ने लिखित शिकायत कर कहा कि दलाल ने दो यूनिट ब्लड दिलाने के एवज में 17 हजार रुपये वसूल लिए।
स्वजन का दावा है कि यह राशि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ली गई, जिसके साक्ष्य भी उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सौंपे हैं। मामले की लिखित शिकायत डीन और अस्पताल प्रशासन तक पहुंचते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया।
पहले मांगे गए 20 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार, गर्भवती को चिकित्सकों ने तत्काल दो यूनिट रक्त की आवश्यकता बताई थी। इसी दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड राजेश नारौलिया ने उन्हें भूपेंद्र शर्मा से मिलवाया, जिसने रक्त की व्यवस्था कराने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। बाद में सौदा 17 हजार रुपये में तय हुआ और रकम ऑनलाइन माध्यम से जमा कराई गई।
अभिषेक तोमर ने शिकायत में बताया कि मरीज की जान बचाने की मजबूरी में उन्होंने दलाल के बताए खाते में राशि ट्रांसफर की। इसके बाद रक्त उपलब्ध कराया गया।
उनका कहना है कि जब उन्हें पता चला कि गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों में रक्त निश्शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है, तब उन्होंने पूरे मामले की शिकायत की।
दलाल तंत्र सक्रिय, जिम्मेदारों को खबर नहीं
मामले ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जेएएच समूह में व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए सहायक अधीक्षक नियुक्त हैं और 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।
इसके बावजूद यदि अस्पताल परिसर में दलाल सक्रिय हैं और मरीजों के स्वजन से खुलेआम रुपए वसूले जा रहे हैं तो यह सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी चूक है।
सेवा से हटाया गया आरोपी
शिकायत सामने आने के बाद संबंधित गार्ड को बुलाने के प्रयास किए गए। काफी देर बाद उसके अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रथम दृष्टया भूमिका सामने आने पर संबंधित आउटसोर्स सुरक्षा गार्ड को सेवा से हटा दिया गया है।
मामले की जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर, सुधीर सक्सेना, अधीक्षक, जेएएच समूह।