
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। किरनापुर में मंगलवार को हुए हिंसक उपद्रव की अब तक पड़ताल में पुलिस को जो साक्ष्य मिले हैं, उससे ये स्पष्ट हुआ है कि प्रदर्शन की आड़ में उपद्रवियों द्वारा मचाया गया उत्पात और पत्थरबाजी सुनियोजित थी। पुलिस ने अब तक 50 से अधिक के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज कर लिया है।
राजनीतिक हित साधने के उद्देश्य से इस षडयंत्र की पटकथा जिले के कुछ राजनीतिक चेहरों ने उस क्षेत्र के कुछ सरपंचों के साथ लिखी थी। सूत्रों के अनुसार, किरनापुर में मचे उपद्रव में कुछ सरपंचों व संगठन पदाधिकारियों का नाम सामने आया है। इनमें वो सरपंच भी हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले जिले के पत्रकारों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया था। पुलिस अब इन संदिग्ध सरपंचों की संलिप्तता की बारीकी से जांच कर रही है।
सूत्रों की मानें, तो उपद्रव का षडयंत्र एक-दो दिन पहले ही रच लिया गया था। उत्पात मचाने वाले युवाओं को पहले बरगलाया गया, फिर शराब दुकान से उन्हें शराब बांटी गई, शराब न केवल रैली से पहले बल्कि उपद्रव के बाद में भी दी गई। उपद्रव करने के एवज में युवकों को पैसे भी दिए गए।
सूत्रों के अनुसार, ये उपद्रवी तत्व हिर्री, सारद, हट्टा, सिंगोड़ी, बम्हनगांव, किन्ही, मुर्री सहित अन्य गांवों के होना बताया जा रहा है। पुलिस ने उपद्रव के दौरान की गई वीडियोग्राफी और वायरल वीडियो के आधार पर अधिकतर लोगों की पहचान कर ली है। पुलिस ने कई लोगों पर नामजद और शेष अज्ञाताें के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है। अज्ञातों की पहचान होते ही उनके विरुद्ध नामजद एफआइआर की जा रही है।
किरनापुर थाना में जबरन घुसने, पुलिसकर्मियों पर सुनियोजित तरीके से पत्थरबाजी करने से लगभग 17 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्के बल का प्रयोग किया था, लेकिन संख्या में अधिक होने के कारण उत्पात मचाने वालों ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को निशाना बनाकर उन्हें घायल किया।
घायलों में एसडीओपी सहित पुलिस वाहन का ड्राइवर भी शामिल है। इसमें किरनापुर एसडीएम के ड्राइवर भी घायल हुए हैं। तीन पुलिसकर्मियों की गंभीर हालत काे देखते हुए गोंदिया रेफर किया गया है। एक पुलिसकर्मी का संभवत: बुधवार को आपरेशन होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
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