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बालाघाट में 14 साल में रहे क्लास-1 ऑफिसर फर्जी डाॅक्टर की तलाश तेज, 10 हजार का इनाम घोषित; रीवा में चिपकाए पोस्टर

पुलिस ने रीवा में बस स्टैंड, आटो स्टैंड, बाजार में जगह-जगह सुनील सिंह के पाेस्टर चस्पा कर दिए हैं। सुनील सिंह 2012 में नियमित हुआ था। बीते 14 वर्षाें ...और पढ़ें

By Yogesh Kumar GautamEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 07:57:50 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 07:57:50 PM (IST)
बालाघाट में 14 साल में रहे क्लास-1 ऑफिसर फर्जी डाॅक्टर की तलाश तेज, 10 हजार का इनाम घोषित; रीवा में चिपकाए पोस्टर
रीवा में लोगों को आरोपी के पोस्टर दिखाती पुलिस व फर्जी डाॅक्टर सुनील सिंह उर्फ शिवकुमार पांडेय। सौजन्य पुलिस विभाग

HighLights

  1. सच छिपाने रची दस्तावेज चोरी की कहानी
  2. विभाग और मप्र शासन की आंखों में धूल झोंकता रहा
  3. प्रति माह एक लाख रुपये से अधिक ले रहा था वेतन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। बिरसा बीएमओ रहा ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ सुनील सिंह उर्फ शिवकुमार पांडेय शातिराना ढंग से 14 वर्षाें तक विभाग और मप्र शासन की आंखों में धूल झोंकता रहा। बिरसा पुलिस ने आरोपी सुनील सिंह पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।

सरकारी आवास में चोरी की कहानी रची थी

स्वास्थ्य विभाग में वर्तमान में कुल 28 प्रथम श्रेणी अधिकारी हैं। हाल के दिनों तक वह एक लाख रुपये से अधिक प्रति माह वेतन ले रहा था। अप्रैल में जब उसकी डिग्री पर सवाल खड़े हुए, तो उसने खुद को बचाने के लिए दमोह (सालेटेकरी) स्थित अपने सरकारी आवास में चोरी की कहानी रची थी। बकायदा बिरसा थाना में शिकायत भी दर्ज कराई।


चोरी में ओरिजनल डाक्यूमेंट चोरी हो गए हैं ...

इस कहानी को गढ़ने के पीछे उसका मकसद ये बताना था कि चोरी की घटना में उसके ओरिजनल डाक्यूमेंट चोरी हो गए हैं। हालांकि, राज्य स्तरीय समिति की जांच में फर्जी डाॅक्टर बेनकाब हो गया। दूसरी तरफ, आठ सदस्यीय बिरसा पुलिस की टीम तलाश में रीवा सहित अन्य ठिकानों में जमी हुई है। हालांकि, पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। पुलिस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रकिया के वक्त शिवकुमार पांडेय द्वारा जमा किए गए दस्तावेज जब्त किए हैं।

जमीन के दस्तावेज जब्त, ससुराल भी पहुंची पुलिस

बिरसा पुलिस रीवा में जगह-जगह दबिश दे रही है। टीम आरोपी के रीवा जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर सिरमौर थाना अंतर्गत ग्राम सधहना स्थित ससुराल पहुंची। पुलिस ने रीवा में ही आरोपी के साढू और साली के घर भी दबिश दी, लेकिन वह कहीं नहीं मिला।

रिश्तेदार बोले- वह कई दिनों से यहां नहीं आया

रिश्तेदारों ने बताया कि वह कई दिनों से यहां नहीं आया है। पुलिस को आरोपी की तीन जमीन के बारे में पता चला है। सभी दस्तावेज एकत्र कर पुलिस राजस्व विभाग से सत्यापित करा रही है। आरोपी के दो घर और तीन एकड़ भूमि है।

पैतृक घर सुनील सिंह और दूसरा शिवकुमार पांडेय के नाम से

एक पैतृक घर सुनील सिंह और दूसरा शिवकुमार पांडेय के नाम से है। पैतृक घर आधा कच्चा और आधा पक्का है। आरोपी ने विभाग को अपना रीवा का फर्जी पता दिया था, जिससे शुरुआती जांच में पुलिस को परेशान होना पड़ा। सबसे पहले नाम और पते के आधार पर पुलिस रीवा में बाल भारती स्कूल के पीछे नरेंद्र नगर पहुंची, लेकिन ये पता फर्जी निकला।

सुनील सिंह खन्ना के नाम पर बनाए दस्तावेज

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने देवास में पदस्थ और मुरैना निवासी सुनील सिंह खन्ना पिता मोहन सिंह खन्ना के नाम पर जाली डिग्रियां बनाई थीं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उसकी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट में दर्ज नाम भी गड़बड़ी है।

10वीं और 12वीं की मार्कशीट भी फर्जी बनाई थी

इससे साफ है कि उसने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट भी फर्जी बनाई थी। दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग अब आरोपी के दमोह स्थित सरकारी क्वार्टर को सील कराने की तैयारी में है। इसके लिए सीएमएचओ डाॅ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया पुलिस को पत्र लिखने की तैयारी में हैं।

राज्य स्तरीय जांच समिति के निर्देश पर सुनील सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। बिरसा पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पर जो कार्रवाई होगी, वह भोपाल स्तर से होगी। दमोह स्थित उसके सरकारी क्वार्टर को सील करने की कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र देंगे। आरोपी 2012 में नियमित हुआ था। वह क्लास-वन ऑफिसर था।

डाॅ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया, सीएमएचओ, बालाघाट

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