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बालाघाट विधायक ने लाइन में लगाकर फरियादियों संग लगाई गुहार, बूढ़ी की शराब दुकान 114 दिन से नहीं हटी, काम-धंधा छोड़कर धरने पर बैठी हैं महिलाएं

नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम भी विधायक को अपने सामने खड़ा देख हाथ जोड़कर खड़े हो गए। माहौल सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन विधायक ने जो मुद्दा उठाया उसने पूरे जन...और पढ़ें

By Mahesh ChouhanEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 02:21:34 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 03:07:24 PM (IST)
बालाघाट विधायक ने लाइन में लगाकर फरियादियों संग लगाई गुहार, बूढ़ी की शराब दुकान 114 दिन से नहीं हटी, काम-धंधा छोड़कर धरने पर बैठी हैं महिलाएं
खुद लाइन में लगाकर फरियादियों के साथ गुहार लगातीं बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे। नईदुनिया

HighLights

  1. जन सेवक से जनता बनीं विधायक
  2. कलेक्टर के सामने लगाई गुहार
  3. दुकान हटाने के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई आम दिनों जैसी नहीं रही। मंच पर कलेक्टर और जनता के बीच जन सेवक बनकर पहुंची बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने खुद लाइन में लगकर फरियादियों के साथ गुहार लगाई। बूढ़ी की शराब दुकान 114 दिन से नहीं हटी, महिलाएं काम-धंधा छोड़कर धरने पर हैं।

बच्चों का भविष्य बचाने के लिए बैठी हैं महिलाएं

जनसुनवाई में विधायक ने कलेक्टर को विस्तार से बताया कि अप्रैल में शराब दुकानों के नए आवंटन के समय मोतीनगर, भटेरा और बूढ़ी की दुकानों को हटाने के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था।

महिलाएं घर-परिवार, काम-धंधा छोड़कर सड़क पर बैठी हैं

दबाव के बाद मोतीनगर और भटेरा की दुकानें तो हट गईं, लेकिन बूढ़ी की दुकान आज भी उसी जगह पर संचालित हो रही है। पिछले 114 दिनों से बूढ़ी की महिलाएं अपने घर-परिवार, काम-धंधा छोड़कर सड़क पर बैठी हैं।

बच्चों का भविष्य बचाना है और मोहल्ले का माहौल सुधारना है

उनका एक ही कहना है कि बच्चों का भविष्य बचाना है और मोहल्ले का माहौल सुधारना है। लेकिन आज तक दुकान हटाने की कोई ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। उल्टा जबरदस्ती शराब बिक्री कराने के प्रयास हो रहे हैं। महिलाओं के पास इसके वीडियो और फोटो सबूत भी हैं।


पूर्व कलेक्टर से गुहार, प्रभारी मंत्री से 2 बार शिकायत

विधायक ने बताया कि पूर्व कलेक्टर मृणाल मीना से भी इस संबंध में कई बार चर्चा की गई थी। दुकान को कुछ समय के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात भी चली थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। स्थानीय स्तर पर सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष और सभी जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर एकजुट हैं।

दो बार लिखित शिकायत की जा चुकी है

जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से भी एक बार नहीं, दो बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी दुकान नहीं हटी।

... ताकि बूढ़ी का माहौल ठीक हो सके

अब मजबूर होकर महिलाएं रोजी-रोटी छोड़कर धरना दे रही हैं, विधायक ने नवागत कलेक्टर से उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में यह लंबित समस्या हल होगी। आपसे आस है सर, कृपया इस दुकान को तुरंत हटवाएं ताकि बूढ़ी का माहौल ठीक हो सके।

कलेक्टर ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश

विधायक की बात सुनने के बाद कलेक्टर कुमार सत्यम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बूढ़ी शराब दुकान के मामले की फाइल तत्काल मंगाकर स्थिति की समीक्षा की जाए।

ऐसे स्थानों पर शराब दुकानें नहीं रहनी चाहिए

शासन की मंशा और नशे से दूरी अभियान को सफल बनाने के लिए ऐसे स्थानों पर शराब दुकानें नहीं रहनी चाहिए जहां स्थानीय लोग विरोध कर रहे हों।

आम नागरिक और जनसेवक बनकर आई हूं...

महिलाओं के धरने और जनप्रतिनिधियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए काम किया जाए। जनसुनवाई के अंत में विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा, "मैं आज यहां विधायक नहीं, एक आम नागरिक और जनसेवक बनकर आई हूं।

हम पहले अपने घर-मोहल्ले से नशे को दूर करेंगे

जब तक बूढ़ी की बहनें धरने पर हैं, तब तक चैन से नहीं बैठा जा सकता। नशे से दूरी का नारा तभी सार्थक होगा जब हम पहले अपने घर-मोहल्ले से नशे को दूर करेंगे।

शराब दुकान का मुद्दा अब प्रशासन की प्राथमिकता में

बूढ़ी की शराब दुकान का मुद्दा अब प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया है। अब देखना होगा कि 114 दिन से चल रहा यह धरना कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद कब खत्म होता है।

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