छत्तीसगढ़ के सुकमा भेजे गए बालाघाट से तीन पूर्व माओवादी, तीन राज्यों में घोषित था 95 लाख रुपये का इनाम
आत्मसमर्पण के बाद माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में मदद दी गई। इनमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 09:53:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 09:53:36 PM (IST)
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की गई कार्रवाई का उद्देश्य आत्मसमर्पित माओवादियों को उनके गृह राज्य भेजा है। सौजन्य पुलिसHighLights
- गृह राज्यों में भेजने की प्रक्रिया पूरी हो गई है
- बालाघाट में 13 माओवादियों ने किया था आत्मसमर्पण
- पुनर्वास नीति के तहत दी गईं विभिन्न सुविधाएं
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। नक्सल विरोधी अभियान के तहत बालाघाट में आत्मसमर्पण करने वाले सभी 13 माओवादियों को उनके गृह राज्यों में भेजने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला पुलिस को सौंपा
एक अक्टूबर को शेष तीन माओवादियों को कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला पुलिस को सौंप दिया गया।
सुकमा भेजे गए कैडरों में एसजेडसीएम सुरेंद्र शामिल हैं
पुलिस के अनुसार, सुकमा भेजे गए कैडरों में एसजेडसीएम सुरेंद्र उर्फ सोमा उर्फ कबीर शामिल हैं, जिस पर तीन राज्यों में 67 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसीएम नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा और एसीएम विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी पर 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह तीनों पर कुल 95 लाख रुपये का इनाम था।
- आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ड्राइविंग, सिलाई प्रशिक्षण और प्राथमिक शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
- गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य आत्मसमर्पित माओवादियों को उनके गृह राज्य भेजा है।
- पुनर्वास की आगे की प्रक्रिया से जोड़ना और समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी सुनिश्चित करना है।
यह भी पढ़ें- जांच के घेरे में आए जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डाॅ. अंकुर बंसल, सीसीटीवी फुटेज खोलेंगे सारे राज; यह है पूरा मामला