
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। माओवादी हिंसा से प्रभावित रहे बालाघाट के 100 गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मिशन आदि सेवा के तहत 330 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर आदित्य सिंह के मार्गदर्शन में बनाई गई इस योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ग्रामीणों तक शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने पर जोर है।
सभी विभागों के अधिकारियों को गांवों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका संबंधी आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है।
कलेक्टर योजना की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। अब तक करीब 70 गांवों का भ्रमण किया जा चुका है। 100 गांवों के लिए 330 करोड़ रुपये की लागत वाले 800 से अधिक विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार हैं।
हर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इससे बच्चों और युवाओं को अध्ययन, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधन मिलेंगे। प्रत्येक गांव में सभा मंच भी बनाया जाएगा। पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध क्षेत्रों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। होम स्टे समेत पर्यटन गतिविधियों से युवाओं को गाइड, परिवहन, खानपान और आवास के क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
बैहर विकासखंड के ग्राम लगमा में बैगा हाट तैयार किया गया है। यहां बैगा समुदाय के लोगों को दुकानें आवंटित होंगी, जहां वे हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद बेच सकेंगे। कान्हा टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को भी हाट का भ्रमण कराया जाएगा।
स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, जैविक कृषि उत्पाद और कारीगरों की सामग्री की बिक्री के लिए ई-मार्केट प्लेटफाॅर्म विकसित किया जा रहा है। इस पर स्व-सहायता समूहों की सामग्री, बांस की कलाकृतियां, फर्नीचर, शहद, अचार, मशरूम, लाख की चूड़ियां और हाथकरघा की सिल्क व काॅटन साड़ियां उपलब्ध होंगी। इसे ई-स्किल सेट से जोड़ने की योजना है।
युवाओं के लिए बन रहे विशेष पोर्टल से उन्हें अपनी पात्रता के अनुसार शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी। पात्रता के बावजूद लाभ से वंचित युवाओं की पहचान कर संबंधित विभाग योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई करेगा। विकास कार्यों की निगरानी और विभागीय गतिविधियों की जानकारी के लिए जिले का आनलाइन डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है।
दूरस्थ बैगा बाहुल्य गांवों में स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं पहुंचाने के लिए बैगा आरोग्य एवं पोषण एक्सप्रेस संचालित करने की योजना है। इसके जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पोषण और स्वच्छता संबंधी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। गांवों के विकास में स्वयंसेवी संस्थाओं और एनजीओ का सहयोग भी लिया जा रहा है।
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