
Balaghat News : बालाघाट, गुनेश्वर सहारे, नईदुनिया। जिले में आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं किराना दुकान, सिलाई, मछली पालन, सब्जी उत्पादन समेत अन्य कार्य कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। अब मुनगा के साथ फलों की खेती करेंगी। इस साल 10 तहसीलों में ढाई लाख मुनगा और 60 हजार फलदार वृक्ष के पौधे लगाए जाएंगे। महिलाओं को इससे अच्छी आमदानी मिलगी, क्योंकि ओडीसी तीन मुनगा छह माह बाद फल देने लगता है। यही कारण है कि मुनगा की खेती हर साल बढ़ने लगी है।
जिले भर में लगभग 15 हजार समूह हैं जिसमें एक लाख 83 हजार समूह सदस्य जुड़े हैं। इन समूह में महिलाएं किराना दुकान, मछली पालन, सब्जी उत्पादन, अगरबत्ती, रोड रोलर, सिलाई सहित अन्य कार्य कर अच्छी आमदानी प्राप्त कर रही हैं। वर्ष 2022 में बालाघाट, लालबर्रा, कटंगी, वारासिवनी, खैरलांजी, परसवाड़ा, बिरसा, बैहर, किरनापुर, लांजी में सवा चार लाख मुनगा और फलदार वृक्ष के पौधे 610 एकड़ में लगाए हैं। इस साल भी मुनगा और फलदार पौधों में आम,आंवला, अमरूद, जामुन के पौधे लगाए जाने हैं।
बदलते परिवेश में परंपरागत खेती से अलग नकदी फसलों को उगाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है। आजकल मुनगा की खेती पर लोगों का फोकस बढ़ रहा है। मुनगा की खेती बंजर जमीन पर भी की जा सकती है। यह एक मेडिसिनल प्लांट है। कम लागत में तैयार होने वाली मुनगा फसल की खासियत यह है कि एक बार बुवाई के बाद चार साल तक बुवाई नहीं करनी पड़ती, सिर्फ मुनाफा कमाना होता हैं।
मुनगा के बीजों की सीधे खेतों में रोपाई या फिर नर्सरी में पौधे तैयार करके भी की जा सकती है। खेतों में पौधों की रोपाई जुलाई से सितंबर के बीच करनी चाहिए। वर्षा के मौसम में पौधे तेजी से बढ़ते हैं और सिंचाई की जरूरत भी नहीं होती। नर्सरी में एक पालीथिन बैग में मुनगा के दो-तीन बीज रोपना चाहिए। 10 से 12 दिनों में अंकुरित हो जाते हैं फिर जब पौधे डेढ़-दो फीट के हो जाए तब इन्हें खेत में लगाना चाहिए।
लघु उद्यमिका विकास के जिला प्रबंधकमुकेश बिसेन बोले-मुनगा एक फलदार पौधा है,जिसका बालाघाट में 60 रुपये तक मूल्य मिल जाता है।यदि समूह की महिलाएं आगामी समय में पौधा लगाने के बाद अच्छे से रक्षा करके बढ़ा करते है तो आने वाले समय में उनकी आमदानी बढ़ाने में सहायक होंगे।इसी तरह फलदार पौधे भी आगामी समय में मददगार साबित हो पाएंगे। जिले भर में ढाई लाख मुनगे के लगाए जाएंगे। प्रत्येक तहसील में 25-25 हजार लगेंगे। फलदार पौधों का 60 हजार लक्ष्य।- प्रत्येक तहसील में छह-छह हजार लगेंगे। मुनगा व फलदार पौधे लगाने से मिलेगी आय। सावंगी नर्सरी 50 हजार मुनगा के पौधे होंगे तैयार। छिंदवाड़ा से लाए जाएंगे मुनगा के बीज।