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शारदीय नवरात्र के पहले दिन बड़वानी के मां बिजासन धाम में लगा भक्तों का तांता, 90 किलो चांदी से दमका गर्भगृह

मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर नेशनल हाईवे-52 स्थित प्रसिद्ध मां बड़ी बिजासन माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन अलसुबह से ही...और पढ़ें

By Yuvraj GuptaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 12:06:23 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 12:13:45 PM (IST)
शारदीय नवरात्र के पहले दिन बड़वानी के मां बिजासन धाम में लगा भक्तों का तांता, 90 किलो चांदी से दमका गर्भगृह
मां बिजासन धाम में दर्शन करने उमड़े श्रद्धालु। -नईदुनिया

HighLights

  1. सनातन प्रतीकों की बारीक नक्काशी बनी आकर्षण
  2. नवरात्रि के पहले मंदिर के गर्भगृह को भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है
  3. 90 किलो चांदी से सजी गर्भगृह की दीवारें, स्तंभ और माता का सिंहासन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी : मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर नेशनल हाईवे-52 स्थित प्रसिद्ध मां बड़ी बिजासन माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन अलसुबह से ही देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। माता के जयकारे गूंजे।

नवरात्रि के पहले मंदिर के गर्भगृह को भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। करीब 90 किलो चांदी से सजे गर्भगृह की दीवारें, स्तंभ और माता का सिंहासन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। चांदी की परतों पर उकेरे गए सनातन धर्म के पवित्र प्रतीक चिह्न आस्था, आध्यात्मिकता और भारतीय शिल्पकला का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।


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मां बिजासन धाम। -नईदुनिया

मंदिर समिति के सदस्य मोहन जोशी ने बताया कि गर्भगृह की दीवारों पर करीब 400 वर्गफीट क्षेत्र में 28 से 36 गेज की चांदी की परत लगाई गई है। इन पर बारीक नक्काशी के माध्यम से ॐ, त्रिशूल, स्वस्तिक, गदा और खड्ग जैसे पवित्र प्रतीकों को उकेरा गया है।

दीवारों के साथ स्तंभों को भी आकर्षक रूप दिया गया है और माता के लिए भव्य चांदी का सिंहासन तैयार किया गया है। इस पूरे कार्य में करीब 90 किलो चांदी का उपयोग हुआ है, जिसकी वर्तमान कीमत 2 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। इसमें मंदिर को वर्षों से दान में प्राप्त चांदी के साथ इस कार्य के लिए श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित चांदी भी शामिल है।

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मां बिजासन धाम में दर्शन करने उमड़े श्रद्धालु। -नईदुनिया

छह महीने में 14 कारीगरों ने तैयार किया भव्य स्वरूप

इंदौर की फर्म के महेश शर्मा और दीपिन शर्मा ने बताया कि गर्भगृह के रजतीकरण का कार्य 14 कारीगरों ने करीब छह महीने की मेहनत से पूरा किया। पहले लकड़ी पर चांदी की परत चढ़ाई गई, फिर उस पर बारीक नक्काशी कर आकर्षक पैनल तैयार किए गए। इसके बाद इन पैनलों को गर्भगृह की दीवारों पर लगाया गया। कारीगरों की मेहनत और बारीक शिल्पकारी से गर्भगृह को नया और भव्य स्वरूप मिला है।

नौ दिनों तक होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान

नवरात्रि के दौरान मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। महोत्सव का शुभारंभ आज सुबह 9:20 बजे घट स्थापना के साथ हुआ। इस बार मंदिर परिसर में नौ कुंडीय हवनात्मक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे हवन होगा। 19 अक्टूबर को रात्रि 10 बजे महाअष्टमी हवन किया जाएगा। वहीं, 20 अक्टूबर को सुबह 9 बजे पूर्णाहुति, 10 बजे कन्या पूजन और सुबह 11 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा जोर

नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मां के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए पार्किंग, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी। चांदी की बारीक नक्काशी से सजा मां बड़ी बिजासन का गर्भगृह इस नवरात्रि में भक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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