• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • बड़वानी

दुर्घटना में हुई थी युवक की मौत, खुदकुशी बताने पेड़ पर फंदा लगाकर टांग दी लाश; बड़वानी में रावण ग्रुप के तीन आरोपी गिरफ्तार

बड़वानी के सिलावद थाना क्षेत्र में 42 दिन पुरानी अंधी हत्या का खुलासा हुआ है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 02:54:34 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 02:59:28 PM (IST)
दुर्घटना में हुई थी युवक की मौत, खुदकुशी बताने पेड़ पर फंदा लगाकर टांग दी लाश; बड़वानी में रावण ग्रुप के तीन आरोपी गिरफ्तार
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिपोर्ट से खुला राज। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 7 मई को ग्राम केली के पास पलाश के पेड़ पर गंगाराम का शव लटका मिला था
  2. परिजनों ने बताया कि मृतक के पास सफेद गमछा था, पर शव लाल गमछे से लटका था
  3. दुर्घटना में मौत के बाद शव को फंदे से लटकाकर खुदकुशी का रूप दिया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। सड़क दुर्घटना के बाद एक युवक की मौत को आत्महत्या बताने की साजिश रचने वाले आरोपियों का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। सिलावद पुलिस ने करीब 42 दिन पुरानी अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए कथित रावण ग्रुप से जुड़े तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि दुर्घटना के बाद युवक के शव को पेड़ पर फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था।

पुलिस के अनुसार गत सात मई को खिरनी फलिया, पोखलिया निवासी बाहलिया ने सूचना दी थी कि उसका भाई गंगाराम का शव ग्राम केली के पास एक पलाश के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतक के पास सफेद गमछा था, जबकि शव लाल गमछे से लटका मिला।


आत्महत्या नहीं दुर्घटना के बाद रची साजिश

साथ ही मृतक किसी प्रकार के मानसिक तनाव में भी नहीं था। इन तथ्यों ने पुलिस का संदेह बढ़ा दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की परतें खोलना शुरू किया। जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दुर्घटना के बाद रची गई हत्या की साजिश थी।

पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में थाना प्रभारी रामकृष्ण लौवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय आरोपित आपस में लगातार संपर्क में थे और घटनास्थल के आसपास मौजूद थे।

यही तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी साबित हुए। गुरुवार को पुलिस ने घेराबंदी कर लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बलिया पिता कोटवाल भुगवाडे (52) निवासी किराड़ी, राका उर्फ राकेश पिता शोभाराम रावत (19) व निरेश पिता बया रावत (21) निवासी केली शामिल हैं। पुलिस मुख्य आरोपित राजू और चार अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर चुकी है।

यह भी पढ़ें : देवास में प्लाट पर कब्जा करने वाले रिश्तेदारों ने दंपती की झोपड़ी में लगाई आग, झुलसने से महिला की मौत

सोशल मीडिया से बनता था दबंगों का नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित क्षेत्र में सक्रिय रावण के सदस्य हैं। यह समूह सोशल मीडिया और वॉट्सएप के जरिए युवाओं को जोड़कर विवाद होने पर एकत्रित होता था।

पुलिस के अनुसार समूह के सदस्य गांवों में दादागिरी और दबदबा कायम करने के लिए मारपीट व अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते थे।

गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और समूह की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांच के बाद आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।