बड़वानी के राजपुर में हुए अंधे कत्ल का खुलासा, पिता ने दामाद संग मिल की थी बेटे की हत्या, पांच आरोपित गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि 15 हजार रुपये के लेन-देन और छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर करमसिंह की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत 24 दिसंबर ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Jan 2026 08:31:52 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Jan 2026 08:33:25 PM (IST)
पुलिस गिरफ्त में आरोपित।HighLights
- चिंदी घाटी में मिले शव मामले में पुलिस ने किया राजफाश।
- इससे प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो गया था।
- राजपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। जिले की राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गत दिनों चिंदी घाटी में अंधे कत्ल का मामला सामने आया था। इसमें बुधवार को पुलिस ने खुलासा किया। मामले में मृतक करमसिंह उर्फ धरमसिंह के पिता और जीजा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपियों ने 15 हजार रुपए के लेन देन और छेड़छाड़ के विवाद में करमसिंह की हत्या को अंजाम दिया था।
मामले में पुलिस ने आरोपित सीताराम उर्फ हुका पुत्र रंजिया चौहान निवासी पटेल फल्या घागरखेड़ा थाना सेंधवा ग्रामीण, सोबु उर्फ शोभाराम पुत्र चतरसिंह जमरे निवासी पटेल फल्या चौथरिया, भाया उर्फ भायराम पुत्र चतरसिंह जमरे निवासी पटेल फल्या चौथरिया, राधेश्याम पुत्र अनसिंह चौहान निवासी नवाड़ फल्या सवनिया चौकी चाचरिया और सोमारिया उर्फ सुमारिया पुत्र लोभान सेनानी निवासी चाकलिया फल्या दानोद को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि 15 हजार रुपये के लेन-देन और छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर करमसिंह की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत 24 दिसंबर 2025 को करमसिंह को घाघरखेड़ा बुलाया। रात करीब 8.9 बजे उसे चिंदी घाटी मंदिर के पीछे जंगल में ले जाकर पत्थर और चाकू से निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को पुलिया के पाइप में छिपा दिया गया था।
यह था पूरा मामला
- पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर 2025 को फरियादिया जुखलीबाई ने राजपुर थाने में अपने पति करमसिंह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- जुखलीबाई ने बताया था कि करमसिंह 24 दिसंबर 2025 को मजदूरी के लिए गए थे और वापस नहीं लौटे। इस पर गुम इंसान क्रमांक 124-25 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
- जांच के दौरान 2 जनवरी 2026 को गुमशुदा करमसिंह का शव चिंदी घाटी में सडक़ किनारे एक पुलिया के पाइप के अंदर मिला। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे।
- इससे प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हुआ। इसके बाद राजपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
- अंधे कत्ल की गंभीरता को देखते हुए राजपुर थाना प्रभारी विक्रमसिंह बामनिया को अज्ञात आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
- एएसपी धीरज बब्बर और एसडीओपी राजपुर महेश सुनैया के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मुखबिर तंत्र, वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान किया।
कुछ आरोपित महाराष्ट्र से पकड़ाए
- अनुसंधान के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि 24 दिसंबर 2025 को मृतक करमसिंह अपने जीजा सीताराम, सोबु उर्फ शोभाराम, भाया उर्फ भायराम, राधेश्याम और अपने पिता सोमारिया के साथ था।
- संदेह के आधार पर इन सभी से पूछताछ की गई। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन गहन पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
- वहीं घटना को अंजाम देने के बाद कुछ आरोपी मजदूरी के लिए महाराष्ट्र फरार हो गए थे।
- पुलिस टीम ने उन्हें महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक जब्त कर ली गई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।