
नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बैतूल दौरे में जिले के विकास को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं। विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैतूल विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मंच से जिन कार्यों की मांग रखी, मुख्यमंत्री ने उन सभी मांगों को मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये के 107 विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री बैतूल विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जो मांगें रखी गई थीं, उन्हें मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने मंच से कही जाने वाली मांगों को स्वीकृति देने का भरोसा दिया था और आज सभी मांगों को मंजूरी देकर अपना वादा पूरा किया है।
बैतूल शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 48 करोड़ रुपये, गीता भवन एवं हाट बाजार के लिए 17 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए देहगुड़ बांध, रामघाटी-साकादेही और आमला-कमलेश्वर क्षेत्र की परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 1000 एकड़ वन भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा आमला में स्कूल के लिए 66 करोड़ रुपये, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों के लिए 35 करोड़ रुपये और ताप्ती परियोजना के लिए 26 करोड़ रुपये की मांग को भी मंजूरी मिली।
बैतूल में अंतरराज्यीय स्टेडियम के लिए 50 करोड़ रुपये और इनडोर स्टेडियम के लिए 7 करोड़ रुपये की मांग मंजूर की गई। कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में सफारी शुरू करने के लिए 7 करोड़ रुपये और बटरफ्लाई पार्क विकसित करने के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा 15 करोड़ रुपये से ईको टूरिज्म विकसित करने, मां ताप्ती पुल के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा गंज थाना से जुड़े विकास कार्यों की मांग भी रखी गई। गजरिया आम को जीआई टैग दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने आमला में 50 करोड़ रुपये की लागत से कन्या शिक्षा परिसर बनाने की घोषणा की। जिले में स्कूलों की मरम्मत के लिए भी 50 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। शिक्षा सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कुकरू को मध्यप्रदेश का शिमला बताते हुए यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं पर जोर दिया। क्षेत्र में कॉफी के बागान विकसित किए जाएंगे और निजी स्तर पर भी काफी की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ 52 लाख रुपये के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। सफारी और बटरफ्लाई पार्क की योजनाओं से जिले में पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता वनवासी समाज की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। उनकी सरकार ने संग्राहकों को मजदूरी के साथ बोनस देने का काम किया है। लाड़ली बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है और सरकार किसानों सहित सभी वर्गों के लिए समान रूप से काम कर रही है।
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