नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा और प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन कर तेज आवाज में डीजे बजाना संचालकों को भारी पड़ा। बैतूल शहर में कोतवाली और गंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 10 डीजे संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं।
इनमें कोतवाली पुलिस ने आछ और गंज पुलिस ने दो मामलों में कार्रवाई की है।
नियमों के उल्लंघन का मामला
पुलिस की इस कार्रवाई में तेज आवाज में डीजे बजाने के साथ बिना अनुमति संचालन और कुछ मामलों में लोक मार्ग बाधित करने के आरोप शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि अनंत चतुर्दशी पर जेएच कालेज के श्री गणेश विसर्जन का जुलूस देखने के दौरान कालेज की छात्रा डीजे के शोर के कारण बेहोश हो गई।
उसे अस्पताल ले जाया गया जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
गणेश विसर्जन पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने डीजे संचालकों तथा आयोजन समितियों को निर्धारित ध्वनि सीमा, समय-सीमा और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद विसर्जन जुलूसों के दौरान कुछ स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की शिकायत और उल्लंघन सामने आया।
बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने विसर्जन रैली, जुलूस और जलसे के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा तथा न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ 8 प्रकरण दर्ज किए हैं।
पुलिस के अनुसार इन मामलों में बीएनएस की धारा 223(बी), मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 7/115 और मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इनमें आर्यन डीजे संचालक, श्रीकृष्ण एसके डीजे साउंड, श्रीराम धुमाल एवं भांगड़ा डीजे, अतुल साउंड डीजे, मां लक्ष्मी राज धुमाल, श्री श्याम सरकार आडियो तथा इंडियन डीजे संचालक के खिलाफ प्रकरण शामिल हैं। एक मामले में कृष्णकुमार शेषकर एवं अन्य के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
गंज पुलिस ने दर्ज किए दो मामले
गंज थाना पुलिस ने भी गणेश विसर्जन के दौरान बिना वैध अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाने और डीजे वाहन खड़ा कर लोक मार्ग बाधित करने के दो मामलों में कार्रवाई की।
पहला केस-
25 सितंबर को जेएच कॉलेज विसर्जन जुलूस के दौरान कॉलेज चौक पर कुलदीप आडियो के डीजे वाहन क्रमांक एमपी 48 जी 1821 को बिना वैध अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाते पाया गया। पुलिस के अनुसार समझाइश के बावजूद डीजे बंद नहीं किया गया। मामले में अपराध दर्ज किया गया।
दूसरा केस-
इसी तरह 26 सितंबर को चुन्नीढाना, राजेंद्र वार्ड में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान विराट डीजे साउंड इवेंट बैतूल के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक बिना वैध अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाने के साथ लोक मार्ग बाधित किया जा रहा था। इस मामले में अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस ने की अपील
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ध्वनि सीमा, निर्धारित समय और यातायात संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य है। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने डीजे संचालकों और आयोजन समितियों से अपील की है कि बिना अनुमति तेज आवाज में डीजे न बजाएं और जुलूस के दौरान लोक मार्ग बाधित न करें।
पुलिस के अनुसार अत्यधिक तेज आवाज से मरीजों, बच्चों, वृद्धजनों और अन्य नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कार्रवाई में कोतवाली एवं गंज थाना पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही।