बैंक ऑफ महाराष्ट्र में जिंदा ग्राहकों के बनाए 'मृत्यु प्रमाण पत्र', हड़पे ₹1.14 करोड़; बैतूल में असिस्टेंट मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार
बैतूल जिले की मोरखा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 6 ग्राहकों के खातों से कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर रकम निकालने के मामले में सहायक प्रबंधक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
Publish Date: Sun, 25 Oct 2026 01:12:12 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 01:12:12 PM (IST)
फोटो- पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता में मामले की जानकारी दी आरोपी शाखा प्रबंधक लुकेश गोखे (चेक सर्ट)।आरोपी गौरव सूर्यवंशी(सफेद टीसर्ट)।HighLights
- 1.14 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी
- फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से तुड़वाई एफडी
- संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। जिले के मोरखा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में ग्राहकों के खातों से एक करोड़ 14 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने सहायक प्रबंधक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक टैक्सी चालक गौरव सूर्यवंशी और कियोस्क सेंटर संचालित करने वाला एक किशोर शामिल है।
पुलिस के अनुसार, खाताधारकों को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उनके फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए और उनकी फिक्स्ड डिपाजिट (एफडी) तुड़वाकर रकम निकाल ली गई। यह फर्जीवाड़ा जनवरी 2026 से किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि छह ग्राहकों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मोबाइल नंबर बदलकर राशि ट्रांसफर की
गिरफ्तार आरोपितों में बैंक का सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे निवासी मोवाड, जिला नागपुर शामिल है। उसने अपनी आईडी का इस्तेमाल कर खाताधारकों के नेट बैंकिंग में पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले और रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की। इसमें टैक्सी चालक और कियोस्क संचालक किशोर भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने ग्राहक ज्योति रघुवंशी के खाते से 4,86,175 रुपये, फूलवंती के खाते में 2,74,000 रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के खाते में 1,85,786 रुपये निकाले थे। भोजराज सोनी के खाते में 5,50,000 रुपये और रागिनी साहू के खाते से 1,55,371 रुपये निकाले थे। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने धोखाधड़ी की रकम रिश्तेदारों और अन्य बैंक खातों में भेजी।
कार और सोना-चांदी खरीदा
पुलिस के अनुसार, राशि से कार सहित अन्य संपत्ति खरीदी गई। आरोपितों से छह मोबाइल फोन, 8.28 लाख रुपये का सोना, 1.40 लाख रुपये की चांदी और करीब 12 लाख रुपये कीमत की कार जब्त की गई है। संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, खातों से रकम निकलने की शिकायत होने पर कुछ मामलों में राशि वापस जमा करके संदेह दूर करने की कोशिश की जाती थी। इससे शिकायत को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया।