Bhind में 4 साल 8 माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला, दोषी को 20 साल की सश्रम कैद
भिंड की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 4 साल 8 महीने की मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी मोनू गोस्वामी को 20 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने क...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 04:21:42 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 04:21:42 PM (IST)
मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी को कैद। (फाइल फोटो)HighLights
- भिंड में 4 साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला।
- पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को सुनाई 20 साल की सजा।
- 21 वर्षीय दोषी मोनू गोस्वामी पर 5 हजार का जुर्माना।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। चार साल आठ माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष पाक्सो न्यायालय ने दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला 13 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया। प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमलता आर्य ने की।
दुकान जाने के दौरान की वारदात
मीडिया सेल प्रभारी केपी यादव के अनुसार मामले में आरोपित 21 वर्षीय मोनू उर्फ बोरे गोस्वामी निवासी सरोज नगर थाना सिटी कोतवाली भिंड है। घटना के दिन बच्ची की मां ने उसे खाना खिलाया था। इसके बाद मां खाना खाने बैठ गई। इसी दौरान बच्ची ने कुछ सामान लेने की बात कही और घर के सामने स्थित दुकान की ओर चली गई। करीब 15 से 20 मिनट बाद बच्ची घर लौटी। अभियोजन के अनुसार इसी दौरान आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
पाक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा
- घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सिटी कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपित के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, भिंड ने आरोपी को दोषी ठहराया।
- न्यायालय ने आरोपित को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) और पाक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत दोषसिद्धि के आधार पर 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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