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MP High Court ने शादी का झांसा देकर रेप मामले में आरोपी को किया बरी, कहा- पीड़िता को थी शादीशुदा होने की जानकारी

ग्वालियर हाई कोर्ट ने दुष्कर्म केस में आरोपित को बरी करने का फैसला बरकरार रखा है। कोर्ट ने माना कि महिला को आरोपित के शादीशुदा होने की जानकारी पहले से...और पढ़ें

By Priyank SharmaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 03:19:26 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 03:19:26 PM (IST)
MP High Court ने शादी का झांसा देकर रेप मामले में आरोपी को किया बरी, कहा- पीड़िता को थी शादीशुदा होने की जानकारी
MP High Court ने रेप मामले में आरोपी को किया बरी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट से दुष्कर्म के आरोपित को मिली राहत।
  2. निचली अदालत का आरोपित को बरी करने का फैसला बरकरार।
  3. महिला की अपील को युगलपीठ ने किया खारिज।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत से बरी किए गए आरोपी को हाई कोर्ट से भी राहत मिली है। महिला की अपील खारिज करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने आरोपी को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

कोर्ट ने पाया कि महिला को आरोपी के विवाहित होने और दो बेटियों का पिता होने की जानकारी पहले से थी। वह यह भी जानती थी कि पत्नी के जीवित रहते और तलाक हुए बिना दूसरी शादी नहीं की जा सकती।


महिला ने फैसले को दी थी चुनौती

  • न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की पीठ ने मंगलवार को एकता तोमर की अपील पर सुनवाई की। ग्वालियर के 17वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 13 जनवरी 2025 को आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 376(2)(एन) और 506 के तहत लगे आरोपों से बरी किया था।
  • महिला ने इस फैसले को चुनौती दी थी। अपील में महिला की ओर से तर्क दिया गया कि उसे आरोपी के विवाहित होने की जानकारी नहीं थी और वह उसके शादी करने के वादे को वास्तविक मानती थी।

जिरह में महिला ने स्वीकारी सच्चाई

  • हालांकि, जिरह के दौरान महिला ने स्वीकार किया था कि वह जनवरी 2019 से आरोपी को जानती थी। उसे उसकी पत्नी और दो बेटियों के बारे में भी पता था। उसने यह भी माना था कि परिचय के समय उसे आरोपी के शादीशुदा होने की जानकारी थी।

  • हाई कोर्ट ने कहा कि बरी किए जाने के फैसले में हस्तक्षेप तभी किया जा सकता है, जब निचली अदालत के निष्कर्ष विकृत या अभिलेख के विपरीत हों।
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