• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भिंड

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सार्थक ऐप का दुरुपयोग... हाजिरी लगाकर ड्यूटी से गायब डॉक्टर, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

MP News: मध्य प्रदेश के भिंड में डॉक्टरों की लापरवाही चरम पर है, जहां स्टाफ के साथ डॉक्टर मनमर्जी से ड्यूटी पर आते हैं और सार्थक एप से हाजिरी लगाकर गा...और पढ़ें

By Manoj ShrivastavaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 20 Aug 2025 08:18:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 Aug 2025 08:19:26 PM (IST)
सार्थक ऐप का दुरुपयोग... हाजिरी लगाकर ड्यूटी से गायब डॉक्टर, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
सार्थक ऐप का दुरुपयोग

HighLights

  1. सार्थक ऐप में हाजिरी लगाकर डाक्टर ड्यूटी से चले गए
  2. लापरवाही पर कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए
  3. एक-एक पलंग पर मरीज के साथ 2-3 अटेंडर बैठे मिले

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही चरम पर है। स्टाफ के साथ डॉक्टर मनमर्जी से ड्यूटी पर आते हैं और सार्थक एप से हाजिरी लगाकर गायब हो जाते हैं। यह खुलासा तब हुआ जब बुधवार सुबह 11 बजे कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। कलेक्टर को ड्यूटी से अधिकांश बांड पर आए डॉक्टर गायब मिले, जबकि महिला और पुरुष ओपीडी, आईवार्ड, आइसीयू सहित इमरजेंसी में 21 डॉक्टर सेवाएं देते मिले।

कलेक्टर ने लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन डा. आरएन राजौरिया को निर्देश दिए हैं। अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। मरीजों को इलाज के लिए पलंग तक नहीं मिल रहे हैं। कलेक्टर ने जब वार्डों का निरीक्षण किया तो एक-एक पलंग पर मरीज के साथ दो से तीन अटेंडर बैठे मिले। कलेक्टर ने सभी को बाहर निकलवाया।


उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए कि एक पलंग पर मरीज के साथ एक ही अटेंडर होना चाहिए। कलेक्टर ने पुरुष, महिला, शिशु और आईसीयू का निरीक्षण कर अटेंडरों को वार्डों से बाहर निकाला, ताकि मरीजों को इलाज में परेशानियों का सामाना न करना पड़े।

यह भी पढ़ें- भरा-पूरा परिवार और संपन्न जीवन... फिर भी अस्पताल में अकेले दम तोड़ गए 83 वर्षीय बुजुर्ग, बच्चों ने कहा- हमसे कोई मतलब नहीं

अस्पताल में नहीं सुधर रहे हालात

जिला अस्पताल में डाक्टर न तो समय पर आते हैं और न हीं ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। सार्थक एप से हाजिरी लगाकर गायब हो जाते हैं। कलेक्टर ने ऐसे डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी है कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए मेडिकल बोर्ड को लिखा जाएगा। अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी समझाइश दी गई है कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से करें।