नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। जिले में 108 एंबुलेंस व्यवस्था इन दिनों बेपटरी है। कई वाहन खराब हैं, भोपाल से तक मैकेनिक बुलाने पड़ रहे हैं। वाहन इतने खराब हैं कि उन्हें भोपाल या अन्य स्थान पर नहीं ले जाया जा सकता। इसी बीच बीते मंगलवार को एक गर्भवती महिला एंबुलेंस न मिलने से करीब ढाई घंटे तक तड़पती रही, जो अब भोपाल में गंभीर हालत में भर्ती है।
मामले में कलेक्टर ने सीएमएचओ से बात की करने की बात कही है। इधर हमेशा की तरह कंपनी के अधिकारी काम चला रहे हैं। विधायक बमोरी के अनुसार मामले में प्रशासन को सख्त होना चाहिए।
बच्चादानी फटी, नवजात की मौत
जानकारी के अनुसार मनीषा पत्नी सत्यप्रकाश अहिरवार निवासी डेहरा बमोरी को प्रसव पीड़ा होने पर बमोरी से गुना रैफर किया गया था। इसके बाद उसे भोपाल भेजा गया, लेकिन ढाई घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली।
मनीषा को झटके आ रहे थे। दोपहर 12 बजे पति उसे गुना लाया था। गर्भवती मनीषा का चार बजे ऑपरेशन किया गया, बच्चादानी फट गई थी और नवजात मृत हुआ।
पति के अनुसार एंबुलेंस ढाई घंटे की देरी से आई। गुना में एंबुलेंस बजरंगगढ़ से बुलाई गई। जैसे-तैसे वह भोपाल पहुंची, जहां खून की चार बोतल चढ़ाई जा चुकी हैं। रक्त की अभी भी जरूरत है। पति बटिया से खेती करता है।
108 वाहनों की हालत खराब
108 एंबुलेंस न मिलने या देरी से मिलने का जिले में उक्त पहला मामला नहीं है। प्रशासन के संज्ञान में भी कई मामले हैं। बावजूद 108 एंबुलेंस सेवा व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
वाहन इतने ज्यादा खराब हैं बुधवार को भोपाल से मैकेनिक बुलवाए गए। एक खराब 108 एंबुलेंस वाहन को खींच कर नहीं ले जाया जा सकता था।
उनका इंजन पूरी तरह बैठ गया है। इसके अलावा तीन एएलएस, सात बीएलएस सहित दो जननी और एक शव वाहन खराब बताया जाता है।
जिला अस्पताल में जमावड़ा
जिला अस्पताल परिसर में 108 एंबुलेंस का जमावड़ा रहता है, इनका स्टाफ भी यहां रूकता है। इसके अलावा जिले के अन्य स्थानें पर भी एंबुलेंस तैनात की जाती हैं।
अब तो कुछ वाहन जिला अस्पताल में सुधारे भी जाने लगे हैं। वाहनों की कमी और खराब के कारण मरीजों का परेशान होने का सिलसिला नहीं टूट रहा है।
करीब 35 में से 13 वाहन खराब हैं, जिससे एएलएस की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सूत्रों के अनुसार राघौगढ़, बमोरी, आरोन, कुंभराज में वाहन खराब हैं, जिला अस्पताल के दो वाहन खराब हैं।
मधुसूदनगढ़, म्याना, बजरंगगढ़ के वाहन चालू हैं, लेकिन उन पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जननी एक्सप्रेस में पैरा मेडिकल स्टाफ भी नहीं होता।
यह बड़ा पॉलिसी मैटर है कि सरकार जिस चीज पर इतना पैसा खर्च कर रही है, लेकिन उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मैंने मेरे क्षेत्र मारकीमहू और विशनवाड़ा में अपनी निधि से एक-एक एंबुलेंस दी हैं। 108 की जो व्यवस्था है, वह निश्चित रूप से सुधरनी चाहिए। सरकार को चाहिए इन्हें दुरुस्त रखे, स्थानीय प्रशासन की भी यह जिम्मेदारी है, जिससे आमजन को लाभ मिल सके। -ऋषि अग्रवाल, विधायक बमोरी
मैं मामले में सीएमएचओ से बात करता हूं, पूरी जानकारी ली जाएगी। -किशोर कुमार कन्याल, कलेक्टर गुना