भोपाल की ओर बढ़े सीहोर के हजारों आदिवासी; CM से मुलाकात की मांग, वन अमले की कार्रवाई के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में आदिवासी परिवार आंदोलन कर रहे हैं। हजारों आदिवासी सीहोर स...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 01:32:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 01:32:58 PM (IST)
न्याय की मांग को लेकर हजारों आदिवासी सीहोर से राजधानी भोपाल तक की पदयात्रा पर निकल पड़े हैं।नईदुनियाHighLights
- मकान तोड़ने और फसलें नष्ट करने की कार्रवाई का विरोध
- हजारों आदिवासी सीहोर से भोपाल तक पैदल मार्च कर रहे हैं
- मुख्यमंत्री आवास पर उनसे मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगें
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर । बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़ने और खेतों में लगी फसल नष्ट करने की कार्रवाई के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। न्याय की मांग को लेकर हजारों आदिवासी सीहोर से राजधानी भोपाल तक की पदयात्रा पर निकल पड़े हैं।
हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पदयात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है।
कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई के बाद से ही प्रभावित आदिवासी परिवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मकान तोड़े जाने और खेतों में लगी फसल बर्बाद होने से उनके सामने रहने और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
परिवारों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए राजधानी की ओर कूच करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से मिलकर बताएंगे अपनी पीड़ा
प्रभावित आदिवासियों ने अपनी मांगों को लेकर सीहोर से भोपाल तक पैदल मार्च शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताना और न्याय की मांग करना है। पदयात्रा में शामिल लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपने अधिकारों के समर्थन में नारे लगा रहे हैं।
आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से यह मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर राजधानी तक पहुंच गया है।
मकान और फसलें उजड़ने से रोजी-रोटी का संकट
आदिवासी परिवारों का कहना है कि वन विकास निगम की कार्रवाई ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। मकानों को नुकसान पहुंचने और खेतों में लगी फसल नष्ट होने से उनके परिवारों के भरण-पोषण पर असर पड़ा है। प्रभावित परिवार अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
पदयात्रा के साथ सुरक्षा व्यवस्था
भोपाल की ओर बढ़ रही पदयात्रा में भारी जनसमूह नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारियों के साथ डीजे वाहन भी चल रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौजूद है। कोसमी के आदिवासियों का यह आंदोलन अब सरकार और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजधानी पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की मुख्यमंत्री या शासन के प्रतिनिधियों से मुलाकात होती है या नहीं और उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।