भोपाल में BCLL की 112 लो-फ्लोर बसें गायब: 12 बेची गईं, 100 पर बैंक का ताला; सरकार बोली- जानकारी जुटा रहे हैं
करीब दो साल पहले भोपाल में 368 लो फ्लोर बसें संचालित होती थीं। इनमें से 112 बसें अब डिपो में उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान में शहर में लगभग 60 से 70 लो फ्ल...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 03:03:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 03:19:16 PM (IST)
भोपाल में 368 लो फ्लोर बसें संचालित थीं, इनमें से 112 बसें अब डिपो में उपलब्ध नहीं हैं। फाइल फोटो।HighLights
- भोपाल में बीसीएलएल के डिपो से 112 बसें गायब हुईं
- 12 बसें बेचकर कर्नाटक के उडुपी भेजे जाने की जानकारी
- लोन की किस्तें नहीं चुकाने पर 100 बसें बैंक के कब्जे में
नईदुनिया, प्रतिनिधि, भोपाल । करीब दो साल पहले तक राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था संभालने वाली 368 लो फ्लोर बसों में से 112 भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के डिपो से गायब हो चुकी हैं। इनमें एनआईटी-41 के तहत अनुबंधित 12 बसों को बेच दिया गया है, जिन्हें कर्नाटक के उडुपी भेजे जाने की जानकारी है।
वहीं, एनआईटी-121 और 122 के तहत संचालित 100 बसें लोन की किस्तें जमा नहीं होने के कारण बैंक के कब्जे में चली गईं। यानी अनुबंधित बसें न तो बीसीएलएल के डिपो में उपलब्ध हैं और न ही उनके संचालन की स्थिति स्पष्ट है।
बता दें कि राजधानी में करीब दो साल पहले तक चार आपरेटरों द्वारा 368 लो फ्लोर बसें चलाई जाती थीं, जिनका संचालन बीसीएलएल द्वारा किया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे बीसीएलएल और ऑपरेटरों की खींचतान के बाद बसों की संख्या कम होती चली गई।
इनमें से वर्तमान में 60 से 70 लो फ्लोर बसें ही शहर में चल रही हैं, जबकि 112 बसें डिपो से गायब हो चुकी हैं। हालांकि अब पीएम ई-बस की बसों का संचालन भी शुरू हो चुका है।
12 बसें बेचकर कर्नाकट के उडुपी भेजीं
एनआईटी-41 के तहत बीसीएलएल से अनुबंधित 12 बसों को एपी मोटर्स द्वारा बेचकर कर्नाटक के उडुपी भेजे जाने की बात सामने आई है। इस मामले में विधायक सुरेंद्र सिंह हनी बघेल ने विधानसभा में पूछा था कि बसों के उडुपी भेजे जाने की अनुमति किसने दी और इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने यह भी पूछा कि बसों के डिपो से गायब होने के बाद भी क्या ऑपरेटर को वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) का भुगतान किया गया।
इस पर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने संबंधित जानकारी एकत्रित किए जाने की बात कही। बसों की बिक्री, उन्हें दूसरे राज्य भेजे जाने और वीजीएफ भुगतान की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
एनआईटी-121 और 122 की 100 बसें भी डिपो में नहीं
एनआईटी-121 और 122 के तहत बीसीएलएल से अनुबंधित 100 बसों के मामले में जानकारी सामने आई है कि ऑपरेटर द्वारा लोन की किस्तें जमा नहीं करने के कारण बैंक ने बसों को अपने कब्जे में ले लिया। इससे बीसीएलएल के डिपो में इन बसों की उपलब्धता प्रभावित हुई।
विधानसभा में उठा मुद्दा
विधायक सुरेंद्र सिंह हनी बघेल ने विधानसभा में इन बसों के डिपो से गायब होने की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाया था। सरकार की ओर से इस मामले में भी जानकारी एकत्रित किए जाने की बात कही गई, लेकिन बसों की मौजूदा स्थिति और उनसे जुड़े मामले में विस्तृत जानकारी नहीं दी।