
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में लगभग दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद सार्वजनिक बस परिवहन प्रणाली का कायाकल्प होने जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में यात्री बस सेवा को आधुनिक और व्यवस्थित रूप देने के लिए 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत 25 सितंबर से करने जा रही है। इंदौर में आयोजित यात्री समिट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना की आधिकारिक घोषणा की। 15 सितंबर को आयोजित कैबिनेट बैठक में सीएम मोहन यादव ने यह बात बताई।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 के बाद से सरकारी बस व्यवस्था के कमजोर पड़ने के कारण प्रदेश में यात्री परिवहन पूरी तरह से निजी ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया था। अब सरकार डाटा, आधुनिक तकनीक और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model) के संगम से इस व्यवस्था को पुनर्जीवित कर रही है।
मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (जिसका गठन 3 जुलाई 2025 को किया गया था) के माध्यम से इस पूरी योजना का संचालन किया जाएगा। सरकार ने राज्य के 55 जिलों में कुल 1,036 बस रूटों की पहचान की है। इनमें से 150 सिटी बस मार्ग, 450 इंटरसिटी (शहरों के बीच) और 436 इंटरस्टेट (राज्यों के बीच) रूट शामिल हैं। अकेले इंदौर से अन्य शहरों के लिए 23 मार्ग तय किए गए हैं।
मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ होगा : CM @DrMohanYadav51 @mptransportdept #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/ymmruS0QzY
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 15, 2026
परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक मनीष सिंह के अनुसार, इस सेवा के तहत पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्राथमिकता दी जाएगी। इस व्यवस्था में बसों का प्रबंध निजी ऑपरेटर करेंगे, जबकि पूरे नेटवर्क की निगरानी सरकार के हाथ में होगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मुख्य रूप से तीन मुख्य आधारों पर तैयार किया गया है...
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